इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि किसी व्यक्ति के पास पासपोर्ट होना उसे स्वतः विदेश जाने का अधिकार नहीं देता। यदि किसी के खिलाफ आपराधिक मामला लंबित है और उसके विदेश भागने की आशंका है तो पुलिस या अभियोजन एजेंसी अदालत का रुख कर पासपोर्ट जमा कराने की मांग कर सकती है।
इस टिप्पणी संग न्यायमूर्ति जेजे मुनीर और न्यायमूर्ति इंद्रजीत शुक्ला की खंडपीठ ने स्पष्ट किया कि पासपोर्ट जारी होना केवल यात्रा के लिए आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराता है। दूसरे देश में प्रवेश के लिए संबंधित देश का वीजा, आवेदन प्रक्रिया पूरी करना भी जरूरी है।
कोर्ट ने कहा कि पासपोर्ट जारी होने मात्र से धारक को भारत की सीमाओं के पार जाने का स्वतः अधिकार नहीं मिल जाता। यदि पासपोर्ट धारक विदेश जाने का प्रयास करता है तो पुलिस या संबंधित अभियोजन एजेंसी अदालत से पासपोर्ट जमा कराने और देश छोड़ने पर रोक लगाने की मांग कर सकती है।