शाही (बरेली)। छह महीने से लगातार एक ही क्षेत्र में हो रहीं महिलाओं की रहस्यमयी हत्याएं पुलिस व कानून-व्यवस्था के लिए चुनौती बन गई हैं।पुलिसिंग फेल है। अब तक सात बुजुर्ग महिलाओं की जान जा चुकी है। सभी हत्याओं में एक जैसा तरीका अपनाया गया। शुरुआत में सख्ती दिखाकर ढीली पड़ी पुलिस की तफ्तीश ने गुत्थी उलझा दी है। मौतों का सिलसिला न थमने पर अब जिम्मेदार फिर जागे हैं। एक और 68 वर्षीय महिला दुलारी देवी उर्फ गुलाबो की हत्या के बाद मंगलवार को अफसरों ने क्षेत्र में डेरा डाल दिया है। संदिग्धों को पकड़कर पूछताछ की जा रही है।
दुलारी देवी का शव उन्हीं के खेत में सोमवार को मिला था। इस सातवीं के बाद एसपी देहात मुकेश चंद्र मिश्रा के नेतृत्व में छह टीमें क्षेत्र में सादा कपड़ों में घूमकर टोह ले रही हैं। छानबीन के लिए शाही, फतेहगंज पश्चिमी, शीशगढ़, मीरगंज थानों की टीमें बुला ली गई हैं। एसओजी व सर्विलांस की टीमें भी मदद में लगी हैं। अधिकांश पुलिसकर्मी सादा कपड़ों में छानबीन कर रहे हैं। घटनास्थल के आसपास के गांवों में जाकर लोगों से बात की जा रही है। पुलिस ने ग्रामीणों से ऐसे लोगों के बारे में पूछा है जो सनकी या तंत्रमंत्र में भरोसा करते हैं। कई जगह से जानकारी जुटाकर पांच-छह संदिग्ध लोगों को पकड़ा भी गया है। इनसे पहले पुलिस टीम और बाद में एसपी देहात व सीओ ने अलग-अलग सवाल दागे।
पोस्टमार्टम में नहीं मिली मौत की वजह
बरेली। दुलारी देवी का शव इस कदर खराब हो चुका था कि उसमें पोस्टमार्टम करने वाली टीम मौत की सही वजह नहीं तलाश सकी। पैनल से शव का पोस्टमॉर्टम कराया गया। इसमें पता लगा कि मौत करीब चार दिन या उससे पहले हो चुकी थी। शव पर अधिकांश जगह मांस नहीं बचा था। प्राथमिक तौर पर दुष्कर्म जैसी स्थिति नहीं मिली पर महिला डॉक्टर ने इस लिहाज से विस्तृत जांच को सैंपल सुरक्षित कर लिया है।
वर्जन
दुलारी देवी के शव का विसरा सुरक्षित किया गया है। अभी तक मृतका के परिवार की ओर से कोई तहरीर नहीं मिली है। कुछ सनकी लोगों को पकड़कर पूछताछ की जा रही है। लग रहा है कि ऐसे ही किसी शख्स की घटनाओं में भूमिका है। जल्द ही सही स्थिति सामने लाई जाएगी। - मुकेश चंद्र मिश्रा, एसपी देहात