अपने ही थाने में तैनात महिला पुलिसकर्मी से छेड़छाड़ का आरोपी सिपाही सोमवार को निलंबित कर दिया गया। इसके साथ ही उसके खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू करा दी गई है। जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर उसके खिलाफ आगे की कार्रवाई की जाएगी। उधर पुलिस ने भी मुकदमे की विवेचना शुरू कर दी है।
मामला गंगापार के एक थाने का है जहां महिला पुलिसकर्मी से थाने में ही तैनात एक सिपाही ने छेड़छाड़ की। घटना पांच अप्रैल की है। आरोप है कि पीड़िता रात में थाने की टीम संग दबिश को गई थी। इसी दौरान अकेले में पाकर आरोपी सिपाही ने उससे छेड़छाड़ की। यही नहीं कहीं शिकायत करने पर जान से मारने की धमकी दी। साथ ही लगातार उसे कॉल कर धमकाता रहा।
दो दिन पहले पीड़िता ने अपने ही थाने में तहरीर देकर उसके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा दी। जिसके बाद आरोपी सिपाही के निलंबन संबंधी रिपोर्ट भेजी गई थी। सोमवार को कार्रवाई करते हुए आरोपी सिपाही को निलंबित कर दिया गया। एसपी गंगापार धवल जायसवाल ने बताया कि आरोपी सिपाही को निलंबित कर दिया गया है। उसके खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू करा दी गई है।
सवा महीने तक क्यों नहीं हुई कार्रवाई
विभाग को शर्मशार करने वाली इस घटना में कुछ सवाल भी खड़े हो रहे हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि करीब सवा महीने तक मामला क्यों दबाए रखा गया। दरअसल घटना पांच अप्रैल की रात की है जबकि एफआईआर 15 अप्रैल को दर्ज की गई। सूृत्रों का कहना है कि पीड़िता ने घटना की जानकारी प्रभारी समेत अन्य अफसरों को भी दी थी। सवाल है कि इसके बावजूद कार्रवाई करने में इतना वक्त क्यों लग गया। यही नहीं इस दौरान आरोपी सिपाही भी पहले की ही तरह ड्यूटी करता रहा।