कोरोना की जांच के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से पांच मई से ग्रामीण इलाकों का सर्वे कराया गया था। 10 दिनों तक चले सर्वे में कुल 18, 822 संदिग्ध मरीज मिले हैं। इतनी बड़ी संख्या में संदिग्ध मरीज मिलने पर स्वास्थ्य विभाग के होश उड़े हैं। विभाग मंगलवार से फिर से सर्वे का काम शुरू कराएगा, जिससे संदिग्ध मरीजों की पहचान हो सके।
ग्रामीण इलाकों में कोरोना का प्रकोप बढ़ने की वजह से स्वास्थ्य विभाग ने जिले की 4,262 अशाओं की टीम लगाकर एक लाख 40 हजार से अधिक घरों का सर्वे कराया। सर्वे पांच मई से शुरू होकर 15 मई तक चला। दस दिनों तक चले सर्वे में आशाओं ने 18 हजार, 822 कोरोना संदिग्ध मिले। सर्वे रिपोर्ट के मुताबिक कुल संदिग्धों के मुकाबले तकरीबन 14 हजार लोगों की कोरोना की जांच कराई गई है।
इसमें से कितने लोग संक्रमित मिले। इसका अलग से ब्योरा नहीं दिया गया है। विभाग ने 18 हजार संदिग्धों में16 हजार लोगों को कोरोना की दवाएं मुहैया कराईं। विभाग के मुताबिक संदिग्ध मरीजों की लगातार मॉनीटरिंग की जा रही है। जरूरत पड़ने पर ऐसे लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया जा रहा है। सर्वे की मॉनीटरिंग कर रहे एसीएमओ डॉ. बीएन सिंह ने बताया कि इतनी बड़ी संख्या में संदिग्ध मरीज पाए जाने की वजह से सर्वे का काम मंगलवार से दोबारा शुरू किया जाएगा।