पुलिस ने प्रत्येक कमरे से एक-एक छात्र को पकड़कर बाहर लाया। काॅमन हाल में ले जाकर सबको मुर्गा बनाया और फिर हाथ ऊपर करके खड़ा कर दिया और उनकी पिटाई भी की गई। सर सुंदर लाल छात्रावास में भी यही किया गया। इस प्रकरण में छात्रों ने अधिवक्ता गजेंद्र सिंह से मदद मांगी तो अधिवक्ता ने मामला राज्य मानवाधिकार आयोग में दर्ज कराया।
इलाहाबाद विश्वविद्यालय के सर सुंदर लाल और हाॅलैंड हाल छात्रावास के अंत:वासियों को मुर्गा बनाने का प्रकरण राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग पहुंच गया है। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने पुलिस कमिश्नर प्रयागराज को उचित कार्रवाई करने का आदेश जारी किया है। इससे पहले राज्य मानवाधिकार आयोग ने भी पुलिस कमिश्नर को जांच को लेकर नोटिस जारी किया था।
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एक और दो जून की रात डेढ़ से पांच बजे के बीच हाॅलैंड हाल तथा सर सुंदर लाल छात्रावास परिसर में दो पक्षों में मारपीट हुई थी। इस दाैरान यहां बमबाजी भी की गई थी। हाईकोर्ट के अधिवक्ता डाॅ. गजेंद्र सिंह यादव ने बताया कि रात हुई बमबाजी की घटना के बाद पुलिस दोपहर 12 बजे से दो बजे के बीच हाॅलैंड हाल छात्रावास में और दोपहर दो बजे से लगभग पांच बजे तक सर सुंदर लाल छात्रावास में पुलिस मौजूद रही। रविवार के दिन अधिकतर छात्र अपने कमरों में या तो अध्ययन कर रहे थे या आराम कर रहे थे।
इस दौरान पहुंची पुलिस ने प्रत्येक कमरे से एक-एक छात्र को पकड़कर बाहर लाया। काॅमन हाल में ले जाकर सबको मुर्गा बनाया और फिर हाथ ऊपर करके खड़ा कर दिया और उनकी पिटाई भी की गई। सर सुंदर लाल छात्रावास में भी यही किया गया। इस प्रकरण में छात्रों ने अधिवक्ता गजेंद्र सिंह से मदद मांगी तो अधिवक्ता ने मामला राज्य मानवाधिकार आयोग में दर्ज कराया। इस दौरान लीपापोती होने पर छात्रों ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग में भी शिकायत की। शिकायत का संज्ञान लेते हुए राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने पुलिस कमिश्नर को कार्यवाही के आदेश दिया है। छात्रों ने उच्च न्यायालय की शरण लेने की भी तैयारी की है।