इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अवैध निरुद्धि और पुलिस उत्पीड़न के आरोपों से जुड़े मामले में थाना प्रभारी और अस्पताल के इंचार्ज को स्पष्टीकरण सहित 25 मई को तलब किया है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अवैध निरुद्धि और पुलिस उत्पीड़न के आरोपों से जुड़े मामले में थाना प्रभारी और अस्पताल के इंचार्ज को स्पष्टीकरण सहित 25 मई को तलब किया है। कोर्ट ने अगली सुनवाई तक याचियों की गिरफ्तारी पर रोक दी है। यह आदेश न्यायमूर्ति जेजे मुनीर और न्यायमूर्ति तरुण सक्सेना की खंडपीठ ने सैलजा व अन्य की याचिका पर दिया।
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याचिका में कहा गया कि दोनों याची बालिग हैं। एक याची के जन्म से संबंधित प्रमाणपत्र को पुलिस सत्यापन के लिए भेजा जा चुका है। इसके बावजूद पुलिस ने याची को थाने में बैठा रखा है। परिवार के लोगों को प्रताड़ित और परेशान किया जा रहा है। शासकीय अधिवक्ता ने दलील दी कि जन्म प्रमाणपत्र अब तक पुलिस को प्राप्त नहीं हुआ है। कोर्ट ने मामले की सच्चाई स्पष्ट करने के लिए सिकंदरा थाना प्रभारी और संबंधित अस्पताल के इंचार्ज को व्यक्तिगत रूप से तलब किया है।