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पुलिस की पाठशाला : कैमरा-गैलरी तक पहुंच मांगने वाले एप चुरा सकते हैं आपका डाटा, छात्राओं को किया गया जागरूक

Fri, 23 Jun 2023 12:15 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

फाफामऊ में विनीता हॉस्पिटल के अंतर्गत संचालित राम निहोरा इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग एंड पैरामेडिकल कॉलेज में छात्राओं को साइबर अपराध से बचाव के तरीके बताए गए। सीओ ने कहा कि साइबर दुनिया में भी ठीक उसी तरह से सजग रहने की जरूरत है जैसे कि हम भौतिक दुनिया में रहते हैं।
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पुलिस की पाठशाला में मौजूद अधिकारी। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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हम सभी मोबाइल में एप इंस्टॉल करते हैं, लेकिन जरूरी बातों को नजरअंदाज कर देते हैं। यह नहीं देखते कि इसके लिए फोन में पहले से मौजूद कौन-कौन से एप्स तक पहुंच की अनुमति मांगी जा रही है। होता यह है कि लापरवाही या जल्दबाजी में लोग काॅन्टेक्ट, गैलरी, कैमरा समेत तमाम परमिशन पर हां कर देते हैं। नतीजा यह होता है कि साइबर अपराधी इसी का फायदा उठाकर निजी डाटा चुरा लेते हैं और फिर ब्लैकमेलिंग या अन्य तरीकों से किसी व्यक्ति को अपना शिकार बनाते हैं।

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यह बातें बृहस्पतिवार को अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से आयोजित पुलिस की पाठशाला कार्यक्रम में मुख्य अतिथि सीओ साइबर थाना अतुल कुमार यादव ने कहीं। फाफामऊ में विनीता हॉस्पिटल के अंतर्गत संचालित राम निहोरा इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग एंड पैरामेडिकल कॉलेज में छात्राओं को साइबर अपराध से बचाव के तरीके बताए गए। सीओ ने कहा कि साइबर दुनिया में भी ठीक उसी तरह से सजग रहने की जरूरत है जैसे कि हम भौतिक दुनिया में रहते हैं।

उन्होंने कहा कि लोग अपनी निजी जानकारियां सोशल मीडिया अकाउंट्स पर शेयर करते हैं जो बेहद खतरनाक है। साइबर अपराधी यह जानकारियां एकत्र करते हैं और फिर सोशल मीडिया अकाउंट से व्यक्ति की तस्वीर चुराकर उसका डमी अकाउंट बना लेते हैं। फिर वह वित्तीय धोखाधड़ी यानी आपके रिश्तेदारों-परिचितों से पैसे मांगने का काम करते हैं। इसके साथ ही कई बार अश्लील तस्वीरें बनाकर ब्लैकमेल भी करते हैं।
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हॉस्पिटल की मैनेजिंग डायरेक्टर डॉॅ. विनीता विश्वकर्मा ने मुख्य अतिथि को सम्मानित किया। जबकि, डॉ बिंदु विश्वकर्मा ने कहा कि छात्राओं को अहम जानकारियां मिली हैं। संचालन कॉलेज की प्रिंसिपल पी. अनीला प्रसन्ना ने किया।

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पुलिस की पाठशाला में मौजूद छात्राएं। - फोटो : अमर उजाला।
इसका भी रखें ख्याल

सोशल मीडिया पर जीरो ट्रस्ट फार्मूले का इस्तेमाल करें। यानी जब तक किसी व्यक्ति के बारे में पूरी तरीके से ना जान लें, उस पर कतई विश्वास ना करें।

टेलीग्राम या अन्य सोशल मीडिया अकाउंट पर लाइक, शेयर के नाम पर पैसे कमाने के झांसे में कतई ना आएं। यह थोड़े से पैसों का लालच देकर या अकाउंट में पैसे क्रेडिट करके आपको बड़ी चपत लगाने का एक तरीका है।

व्हाट्सएप या अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अनजान नंबर से आने वाले वीडियो कॉल को कतई एक्सेप्ट ना करें।

सोशल मीडिया अकाउंट पर टू स्टेप वेरीफिकेशन टूल को एक्टिवेट करके रखें।

साइबर अपराध का शिकार होने पर इसकी सूचना तुरंत नेशनल हेल्पलाइन 1930 या www.cybercrime.gov.in पर दें।

बिलिंग के वक्त फोन नंबर समेत अन्य जानकारियां ना करें साझा

सीओ साइबर थाना ने बताया कि अक्सर खरीदारी के वक्त माॅल या दुकान में आपसे मोबाइल नंबर समेत अन्य जानकारियां मांगी जाती हैं। किसी भी हाल में नाम छोड़कर कुछ भी साझा ना करें। इस संबंध में आरबीआई की ओर से भी गाइडलाइन जारी की गई है। ऐसे कई केस सामने आए हैं जिनमें मॉल- दुकानों में भी एकत्रित ग्राहकों का डाटा या तो लीक हुआ या उन्हें बेच दिया गया है। साइबर थाने में तैनात एसआई अनुज तिवारी ने भी विभिन्न प्रकार के साइबर अपराधों और साइबर अपराधियों से बचाव के तरीकों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
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