पुलिस की पाठशाला में मौजूद छात्राएं।
- फोटो : अमर उजाला।
इसका भी रखें ख्याल
सोशल मीडिया पर जीरो ट्रस्ट फार्मूले का इस्तेमाल करें। यानी जब तक किसी व्यक्ति के बारे में पूरी तरीके से ना जान लें, उस पर कतई विश्वास ना करें।
टेलीग्राम या अन्य सोशल मीडिया अकाउंट पर लाइक, शेयर के नाम पर पैसे कमाने के झांसे में कतई ना आएं। यह थोड़े से पैसों का लालच देकर या अकाउंट में पैसे क्रेडिट करके आपको बड़ी चपत लगाने का एक तरीका है।
व्हाट्सएप या अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अनजान नंबर से आने वाले वीडियो कॉल को कतई एक्सेप्ट ना करें।
सोशल मीडिया अकाउंट पर टू स्टेप वेरीफिकेशन टूल को एक्टिवेट करके रखें।
साइबर अपराध का शिकार होने पर इसकी सूचना तुरंत नेशनल हेल्पलाइन 1930 या www.cybercrime.gov.in पर दें।
बिलिंग के वक्त फोन नंबर समेत अन्य जानकारियां ना करें साझा
सीओ साइबर थाना ने बताया कि अक्सर खरीदारी के वक्त माॅल या दुकान में आपसे मोबाइल नंबर समेत अन्य जानकारियां मांगी जाती हैं। किसी भी हाल में नाम छोड़कर कुछ भी साझा ना करें। इस संबंध में आरबीआई की ओर से भी गाइडलाइन जारी की गई है। ऐसे कई केस सामने आए हैं जिनमें मॉल- दुकानों में भी एकत्रित ग्राहकों का डाटा या तो लीक हुआ या उन्हें बेच दिया गया है। साइबर थाने में तैनात एसआई अनुज तिवारी ने भी विभिन्न प्रकार के साइबर अपराधों और साइबर अपराधियों से बचाव के तरीकों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।