पुलिस कांस्टेबल 2018 में अनियमितता को लेकर दाखिल याचिका में सुनवाई के दौरान के दौरान पुरुष अभ्यर्थी के प्रवेश पत्र पर महिला का फोटो लगाए जाने की बात सामने आने पर मूल प्रवेश पत्र तलब कर लिए हैं। फोटो मैच न करने के कारण अभ्यर्थियों को शारीरिक दक्षता परीक्षा में शामिल करने से इंकार करने के खिलाफ दाखिल याचिका पर यह आदेश न्यायमूर्ति विवेक अग्रवाल ने दिया। हरिकेश यादव और सात अन्य ने इस मामले में याचिका दाखिल की है।
याचीगण का कहना था कि उनको फोटो का मिलान न होने के कारण शारीरिक दक्षता परीक्षा में शामिल होने से रोक दिया गया जबकि पुरूष के प्रवेश पत्र पर महिला का फोटो था। एक अन्य मामले में अभ्यर्थी ने फोटो लगाया ही नहीं था। उसका फोटो भी मिस मैच कर गया। सरकार की तरफ से कहा गया कि याचियों के आवेदन में लगी फोटो उनके शारीरिक दक्षता परीक्षा में आने पर मैच नहीं कर रही ।इसलिए उन्हे रोक दिया गया है। कोर्ट ने राज्य सरकार को नौ नवंबर तक हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है।
यह आदेश न्यायमूर्ति विवेक अग्रवाल ने हरिकेश यादव व सात अन्य की याचिका पर दिया है ।याचियों का कहना है कि लिखित परीक्षा में सफल होने के बाद शारीरिक दक्षता परीक्षा के लिए बुलाया गया। किन्तु उन्हे परीक्षित करने से यह कहते हुए इंकार कर दिया गया कि उनके फोटोग्राफ उनसे नहीं मिल रहे हैं।
इसके जवाब में याचियों का कहना है कि एक अभ्यर्थी काजल शर्मा ने फोटोग्राफ लगाया नहीं है, जबकि एक अन्य अभ्यर्थी सूरज गौड़ के प्रवेश पत्र पर महिला का फोटो लगा था। सरकारी अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि याचियों का अंगूठा निशान भी नहीं मिल रहा है।कोर्ट ने दो याचियों के प्रवेश पत्र नमूने के तौर पर जमा करने का निर्देश दिया है ।