दारागंज में निरंजनी अखाड़े के सचिव महंत आशीष गिरि की संदिग्ध हाल में मौत के मामले में पुलिस सोमवार को फिर अखाड़े के आश्रम में पहुंची। टीम ने यहां करीब एक घंटे तक रहकर जांच पड़ताल की जिसमें तीन शस्त्र लाइसेेंस मिले। पुलिस तीनों शस्त्र लाइसेंस को कब्जे में लेकर थाने चली आई। एसओ ने बताया कि जांच की जा रही है।
दारगंज पुलिस सोमवार दोपहर में आश्रम पहुंची। सूत्रों की मानें तो यहां पहुंचकर पुलिस टीम ने आश्रम में रहने वालों से महंत के कमरे से दो दिन पहले मिलीं तीन दोनाली बंदूकों के बारे में पूछताछ की। साथ ही इनके लाइसेंस के बारे में भी जानकारी हासिल की। सूत्रों की मानें तो इसके बाद पुलिस को तीनों शस्त्रों के लाइसेंस सौंप दिए गए। यह भी बताया गया कि तीनों बंदूकों के शस्त्र लाइसेंस अखाड़े के सचिव पद के नाम पर जारी कराए गए थे। पुलिस को पूछताछ में यह भी बताया गया कि सचिव पद के नाम से जारी लाइसेंस पदासीन संत के नाम वरासत किए जाते हैं। इसी क्रम में दो लाइसेंस महंत आशीष गिरि के नाम पर वरासत किए गए थे। जबकि एक लाइसेंस आश्रम के पूर्व सचिव महंत रामकृष्ण के नाम से वरासत हुए थे। आश्रम के रहवासियों ने यह भी बताया कि महंत रामकृष्ण का निधन हो चुका है। हालांकि इस शस्त्र लाइसेंस का वरासत अभी किसी अन्य के नाम नहीं किया जा सका था। सूत्रों ने यह भी बताया कि पुलिस ने आश्रम रहवासियों व पदाधिकारियों से उन खोखों के बारे में भी जानकारी हासिल की। जो दो दिन पहले बंदूकों के साथ ही कब्जे में लिए गए थे। सूत्रों ने यह भी बताया कि बरामद तीन बंदूकों में से एक क्षतिग्रस्त भी थी। मामले में दारागंज पुलिस ने बताया कि बरामद तीनों दोनाली बंदूकों के शस्त्र लाइसेंस आश्रम पहुंचकर कब्जे में ले लिए गए हैं। जांच पड़ताल की जा रही है।
खुद भी बनवाया था एक लाइसेंस
उधर दो वरासत के लाइसेंस होने के बाद भी महंत आशीष गिरि ने अपने नाम एक पिस्टल का लाइसेंस जारी कराया था। इसी साल मार्च में जारी कराए गए इसी लाइसेंस के सीमा विस्तार के लिए वह प्रयासरत थे। बता दें कि पुलिस का यही कहना है कि उन्होंने अपनी निजी पिस्टल से ही खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। हालंाकि वह अब तक इस थ्योरी को प्रमाणित करने के लिए कोई पुख्ता आधार नहीं प्रस्तुत कर सकी है।
कराएंगे मेडिकल रिपोर्ट की जांच
उधर पुलिस अफसर अब महंत के कमरे से मिली उनकी मेडिकल रिपोर्ट की विशेषज्ञ डॉक्टरों से जांच करवाने की भी तैयारी में हैं। बता दें कि इस संबंध में एक दिन पहले अमर उजाला ने प्रमुखता से खबर प्रकाशित की थी। जिसमें बताया गया था कि पुलिस ने अब तक मेडिकल रिपोर्ट की जांच नहीं कराई है जिससे कि खुद उसकी ओर से बताई गई खुदकुशी की थ्योरी सवालों के घेरे में है। एडीजी जोन सुजीत कुमार पांडेय ने बताया कि उन्होंने निर्देश दिए हैं कि महंत की मेडिकल रिपोर्ट की जांच किसी विशेषज्ञ डॉक्टर से करा ली जाए।