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पुलिसकर्मी की गवाही भी हो सकती है दोषसिद्धि का आधार : हाईकोर्ट

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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि भरोसेमंद गवाही सिर्फ इस आधार पर खारिज नहीं की जा सकती कि वह पुलिसकर्मी है। यदि पुलिसकर्मी की गवाही विश्वसनीय और भरोसेमंद हो तो वह दोषसिद्धि का आधार हो सकती है।
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इस टिप्पणी के साथ न्यायमूर्ति सिद्धार्थ व न्यायमूर्ति विनय कुमार द्विवेदी की खंडपीठ ने मुरादाबाद रेलवे स्टेशन पर 31 साल पहले हुई लूट व हत्या में उम्रकैद की सजा पाए चरण सिंह को संदेह का लाभ देकर बरी कर दिया। वहीं, सह-आरोपी धर्मेंद्र सिंह की उम्रकैद की सजा बरकरार रखी लेकिन शस्त्र अधिनियम से जुड़े आरोप में बरी कर दिया।
मामला 22 दिसंबर 1995 का है। अभियोजन के मुताबिक, मुजफ्फरपुर बिहार के व्यापारी पप्पू उर्फ राजकिशोर प्रसाद मुरादाबाद में व्यापारियों से करीब सवा लाख रुपये लेकर रेलवे स्टेशन लौट रहे थे। इसी दौरान तीन आरोपियों ने उनका सूटकेस लूटने का प्रयास किया। विरोध करने पर शेर सिंह ने गोली मार कर व्यापारी की हत्या कर दी। धर्मेंद्र सिंह सूटकेस लेकर भागा और पुलिस ने उसे मौके पर नकदी व सामान के साथ पकड़ लिया। मुकदमे के दौरान तीसरे आरोपी शेर सिंह की मौत हो गई। ट्रायल कोर्ट ने चरण सिंह व धर्मेंद्र को उम्रकैद की सजा सुनाई। इसके खिलाफ दोनों ने अपील दाखिल की।
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कोर्ट ने अपीलों का निस्तारण करते हुए कहा कि कई चश्मदीद गवाही के दौरान मुकर गए लेकिन उनके बयानों का वह हिस्सा, जो अभियोजन की कहानी का समर्थन करता है, पूरी तरह नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। इसके अलावा पुलिस अधिकारियों की गवाही और धर्मेंद्र सिंह के कब्जे से लूटा गया सूटकेस व करीब सवा लाख रुपये की बरामदगी मामले को संदेह से परे साबित करती है। हालांकि, कोर्ट ने यह भी पाया कि चरण सिंह के खिलाफ न तो कोई स्वतंत्र गवाह मिला न ही उसके कब्जे से कोई बरामदगी हुई।
शस्त्र अधिनियम से जुड़े आरोप पर कोर्ट ने कहा कि बरामद तमंचे को फोरेंसिक जांच के लिए नहीं भेजा गया। यह भी साबित नहीं किया गया कि वही हथियार अपराध में प्रयुक्त हुआ था। इसलिए धर्मेंद्र सिंह की शस्त्र अधिनियम के तहत दोषसिद्धि टिक नहीं सकती। लिहाजा, कोर्ट ने धर्मेंद्र सिंह को एक माह के भीतर मुरादाबाद की अदालत में आत्मसमर्पण कर शेष सजा काटने का आदेश दिया है। साथ ही कहा कि अगर समय से धर्मेंद्र आदेश का पालन करने में विफल रहता है तो ट्रायल कोर्ट उसके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
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