तहसील पहुंचे सुधांशु राणा का कहना था कि गुड़गांव की कंपनी में अभी ट्रेनी काम कर रहा है। कंपनी की ओर से पासपोर्ट बनवाने के लिए कहा गया है। उसने पासपोर्ट के लिए आवेदन किया, लेकिन पुलिस सत्यापन में आपत्ति आ गई है।
सदर तहसील में एक अनोखा मामला सामने आया है। पासपोर्ट के लिए आवेदन करने वाले युवक के सभी दस्तावेज तो सही बताए जा रहे हैं, लेकिन रंग-ढंग से वह भारतीय नहीं लगता है। सत्यापन के बाद पुलिस ने यही रिपोर्ट दी है। अब सत्यता की जांच के लिए फाइल सदर तहसील पहुंची है। वहीं, युवक का कहना है कि उसका परिवार तीन पीढि़यों से शिवकुटी में रहता है।
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तहसील पहुंचे सुधांशु राणा का कहना था कि गुड़गांव की कंपनी में अभी ट्रेनी काम कर रहा है। कंपनी की ओर से पासपोर्ट बनवाने के लिए कहा गया है। उसने पासपोर्ट के लिए आवेदन किया, लेकिन पुलिस सत्यापन में आपत्ति आ गई है।
पुलिस रिपोर्ट में कहा गया है कि युवक के सभी दस्तावेज सही हैं, लेकिन हावभाव से वह भारतीय नहीं लगता। ऐसे में पासपोर्ट कार्यालय की ओर से जांच के लिए फाइल सदर तहसील भेज दी गई। सुधांशु सभी कागजात लेकर तहसील पहुंचा था। पहचान को लेकर उसके पास पार्षद का पत्र था, आईईआरटी का डिप्लोमा था। तहसील स्तर पर भी सत्यापन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। हालांकि, तहसील के अफसर इस बारे में कुछ बोलने से बच रहे हैं।