इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि पुलिस गैंगस्टर अधिनियम के निर्धारित तरीके का पालन नहीं कर रही है। गैंगचार्ट तैयार करते समय निर्धारित प्रारूप के कॉलम संख्या पांच व छह में विवरण दिया जाना चाहिए।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि पुलिस गैंगस्टर अधिनियम के निर्धारित तरीके का पालन नहीं कर रही है। गैंगचार्ट तैयार करते समय निर्धारित प्रारूप के कॉलम संख्या पांच व छह में विवरण दिया जाना चाहिए। साथ ही गैंगस्टर में जिसका नाम डाला जा रहा है, उसके आपराधिक इतिहास की एक अलग सूची प्रस्तुत करनी चाहिए।
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यह आदेश न्यायमूर्ति सिद्धार्थ एवं न्यायमूर्ति प्रवीण कुमार गिरि की खंडपीठ ने भदोही के जय प्रकाश बिंद उर्फ नेता की याचिका पर दिया। भदोही के ज्ञानपुर थाने में याची पर गैंगस्टर एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज हुई थी। याची ने प्राथमिकी रद्द करने की मांग में याचिका दाखिल की थी। इस दौरान कोर्ट ने पाया कि गैंगचार्ट में पुलिस ने निर्धारित तरीकों का पालन नहीं किया है। आपराधिक इतिहास का विवरण प्रस्तुत नहीं किया गया।
कोर्ट ने याचिका पर प्रदेश सरकार से जवाब मांगते हुए याची की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। खंडपीठ ने रजिस्ट्रार अनुपालन को निर्देश दिया कि आदेश की कॉपी गृह सचिव और डीजेपी को भेजी जाए। ताकि, प्रदेशभर में आदेश का पालन कराया जा सके।