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रामबहादुर हत्याकांड का खुलासा, जमीन के लिए हुई थी हत्या

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नवाबगंज। इब्राहिमपुर गांव में एक फरवरी की रात हुए राम बहादुर पटेल हत्याकांड का मंगलवार को खुलासा हो गया। पट्टीदार कमलेश ने 15 बीघे जमीन के लिए हत्या कराई थी। पुलिस ने अंशू और गुड्डू को गिरफ्तार कर लिया। कमलेश की तलाश में खोजबीन की जा रही है।
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इब्राहिमपुर का रहने वाले राम बहादुर पटेल की हत्या एक फरवरी की रात घर के पास स्थित ट्यूबवेल पर कर दी गई थी। उसके भाई राम प्रसाद पटेल ने शक के आधार पर कमलेश, ओमप्रकाश, भंडारी, राजेंद्र, दशरथ और दिनेश के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जांच के दौरान कमलेश के साथ रहने वाले गुड्डू पासी उर्फ सरवन को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई तो पूरे मामले का खुलासा हो गया। गुड्डू ने बताया कि उसने अंशू पटेल के साथ मिलकर ईंट-पत्थर और डंडे से राम बहादुर की हत्या की थी। उसके पास से राम बहादुर का मोबाइल भी बरामद हो गया। इसके साथ ही खून से सनी एक पैंट भी बरामद की गई, जिसे घटना वाली रात गुड्डू ने पहना था। उसकी निशानदेही पर डंडा और खून से सर्नी इंट भी बरामद कर ली गई। मंगलवार को पुलिस ने अंशू पटेल को भी गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उन्होंने बताया कि राम बहादुर के पास करीब 15 बीघे जमीन थी। उसके बड़े भाई राम सिंह पटेल उर्फ मल्लन की मौत के बाद उसकी जमीन की देखभाल भी राम बहादुर कर रहा था। पट्टीदार कमलेश को लगता था कि अगर राम बहादुर रास्ते से हट जाय तो पूरी जमीन मिल जाएगी। इसके लिए उसने अंशू पटेल और गुड्डू पासी को जमीन देने का लालच दिया।
घटना वाली रात दोनों ट्यूबवेल पर पहुंचे और राम बहादुर को शराब पीने का लालच दिया लेकिन उसने देसी पीने से इनकार कर दिया तो गुड्डू और अंशू शराब पीने बैठ गए। इसी दौरान मौका देखकर अंशू उठा और पीछे से रामबहादुर के सिर में ईंट मारकर उसे बेहोश कर दिया। फिर ईंट पत्थर और डंडे से मारकर उसकी हत्या कर दी। एसओ राकेश कुमार राय ने बताया कि गुड्डू और अंशू को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा रहा है। कमलेश की तलाश में दबिश दी जा रही है।
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अन्य आरोपियों को क्लीन चिट नहीं, साक्ष्य के आधार पर होगा निर्णय
नवाबगंज। राम बहादुर के भाई ने कमलेश के अलावा पांच अन्य लोगों के खिलाफ भी रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें से ओमप्रकाश, भंडारी, राजेंद्र, दशरथ और दिनेश को अभी क्लीन चिट नहीं दी गई है। एसओ का कहना है कि साक्ष्य के आधार निर्णय लिया जाएगा। कमलेश के पकड़े जाने के बाद कुछ कहा जा सकता है।
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