उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती और प्रोन्नति बोर्ड, लखनऊ के अनुसचिव एएसपी हफीजुर्रहमान की तहरीर पर कर्नलगंज थाने में सिपाही मनमोहन यादव निवासी गुरैनी गाजीपुर व राहुल निवासी घोसी मऊ के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई थी।
यूपी एसआई भर्ती 2020-21 में फर्जीवाड़ा के आरोप में वाराणसी और गोरखपुर के दो आनलाइन केंद्र संचालकों के खिलाफ भी रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। पुलिस ने मंगलवार को एक सिपाही समेत दो लोगों को गिरफ्तार करते हुए फर्जीवाड़े का खुलासा किया था।
विज्ञापन
उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती और प्रोन्नति बोर्ड, लखनऊ के अनुसचिव एएसपी हफीजुर्रहमान की तहरीर पर कर्नलगंज थाने में सिपाही मनमोहन यादव निवासी गुरैनी गाजीपुर व राहुल निवासी घोसी मऊ के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई थी। इन दोनों के अलावा वाराणसी के आर्या ग्रुप आफ इंस्टीट्यूट के संचालक अजय कुमार और गोरखपुर के वीर अब्दुल हमीद आनलाइन सेंटर के संचालक रोहित के खिलाफ भी धारा 420, आईटी एक्ट, 120-बी, और उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था।
मनमोहन यादव पुलिस विभाग में सिपाही के पद पर तैनात है। मनमोहन और राहुल पिछले साल हुई एसआई भर्ती परीक्षा में गोरखपुर व वाराणसी स्थित केंद्रों पर शामिल हुए थे। लिखित परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों की जांच पड़ताल के दौरान एक चौंकाने वाली बात सामने आई। परीक्षा आयोजित कराने वाली एजेंसी ने पाया कि दोनों ने पहले डेढ़ घंटे तक उन्होंने एक भी प्रश्न नहीं किया जबकि अंतिम 15 मिनट में उन्होंने सभी प्रश्न बिल्कुल सही हल कर दिए।
विज्ञापन
इसी आधार पर उनका चयन भी हो गया था। इस संबंध में एजेंसी की ओर से पुलिस भर्ती बोर्ड को रिपोर्ट प्रेषित की गई। इसकेबाद पुलिस भर्ती बोर्ड ने प्रयागराज पुलिस लाइन में आयोजित दस्तावेज सत्यापन प्रक्रिया में लगे अफसरों को सूचित किया। इसी क्रम में कर्नलगंज थाने के एसआई राजेंद्र पाल ने दोनों अभ्यर्थी दस्तावेज सत्यापन के लिए पहुंचे तो उन्हें हिरासत में ले लिया गया।