नागरिक पुलिस और पीएसी में चार हजार से अधिक उपनिरीक्षकों और प्लाटून कमांडेंट की भर्ती में शारीरिक दक्षता मापने के लिए घटिया उपकरणों के प्रयोग का आरोप है। इसके विरुद्ध हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर शारीरिक दक्षता परीक्षा निरस्त कर दोबारा कराए जाने की मांग की गई है। हाईकोर्ट के आदेश पर पुलिस विभाग द्वारा दाखिल हलफनामे में भी उपकरणों के मानक की जानकारी नहीं दी जा सकी है। कोर्ट ने याची के वकील को प्रतिउत्तर दाखिल करने का तीन सप्ताह का समय दिया है। याचिका पर न्यायमूर्ति डीके अरोड़ा सुनवाई कर रहे हैं।
याची जावेद अली और राहुल पांडेय के वकील सीमांत सिंह के मुताबिक दाखिल याचिका में कहा गया है कि दरोगा भर्ती के दौरान विभाग ने अभ्यर्थियों की शारीरिक दक्षता मापने के लिए जिन उपकरणों का प्रयोग किया, वह घटिया स्तर के थे। कोई भी उपकरण आईएसआई प्रमाणित नहीं है जबकि पुलिस भर्ती नियमावली 2008 के अनुसार शारीरिक दक्षता मापने के लिए सिर्फ आईएसआई प्रमाणित उपकरणों का ही प्रयोग किया जाएगा।
कोर्ट के आदेश पर पुलिस विभाग ने जो हलफनामा दाखिल किया है उसमें इस बात की जानकारी नहीं दी जा सकी है कि उपकरण आईएसआई प्रमाणित हैं अथवा नहीं। याचिका में कहा गया है कि आईटीआई में मांगी गई जानकारी में भी पुलिस विभाग ने कहा है कि उपकरणोें के आईएसआई प्रमाणित होने की कोई जानकारी नहीं है। याची का कहना है कि घटिया उपकरणों के प्रयोग से सही दक्षता की जांच नहीं पाई और याचीगण के अधिकार का हनन हुआ है। याचिका पर तीन सप्ताह के बाद सुनवाई होगी।