इसके बाद ही राघव अपने मकान पर छत डलवा रहा था। कोई विवाद न हो इसके लिए उसने फोर्स की भी मांग की थी। जिसके लिए नियमानुसार कोषागार में रकम भी जमा की थी। इसी के तहत शनिवार दोपहर में पुलिस व राजस्व की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची।
आरोप है कि निर्माण कार्य शुरू होते ही दूसरा पक्ष आ गया और काम रुकवाने लगा। वहां मौजूद राजस्वकर्मियों ने सक्षम न्यायालय का आदेश मांगा तो वह नहीं दिखा पाउ। समझाया जा रहा था कि तभी उसने अपने पक्ष के अन्य लोगों संग मिलकर पथराव शुरू कर दिया।
इससे वहां अफरातफरी मच गई। हमलावर लाठी-डंडे चलाकर वाहनों में तोड़फोड़ भी करने लगे। सरकारी वाहन में तोड़फोड़ के साथ ही एक निजी वाहन व वहां रखी कुर्सियां भी तोड़ डालीं।
मौके पर करीब आधे घंटे तक अफरातफरी रही। पथराव में एसआई चंद्रशेखर समेत पांच पुलिसकर्मी व राघव प्रसाद व उनकी पत्नी समेत चार लोग जख्मी हो गए। सूचना पर कई थानों की फोर्स पहुंची तो उपद्रवियों को खदेड़ा गया। इसके बाद मामला शांत हुआ।