शंकरगढ़ रेलवे स्टेशन पर तैनात रेलकर्मी की हत्या के मामले में एसओ पर गंभीर आरोप लगे हैं। आरोप है कि शिकायत तो दूर, हत्या की जानकारी होने के बाद भी उन्हाेंने रिपोर्ट नहीं दर्ज की। जिससे साफ है कि उन्होंने आरोपियों को बचाने की कोशिश की। कार्रवाई तब हुई जब मामला वरिष्ठ अफसरों के संज्ञान में आया। फिलहाल एसओ पर लगे आरोपों के संबंध में जांच शुरू हो गई है।
मूल रूप से अमेठी निवासी अमित शुक्ला शंकरगढ़ रेलवे स्टेशन पर तैनात था। 13 अप्रैल को वह रहस्यमय हालात में गायब हो गया। एक दिन पहले पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए मृतक की प्रेमिका, उसके पति, पिता व भाई को गिरफ्तार कर लिया। बताया कि आरोपियों ने हत्या के बाद उसका शव टोंस नदी में फेंक दिया जो अब तक बरामद नहीं हो सका है। मृतक की मां का आरोप है कि उनका बेटा 13 अप्रैल को गायब हुआ। हत्या की आशंका जताते हुए रात में ही तहरीर दी गई लेकिन शंकरगढ़ पुलिस ने रिपोर्ट नहीं दर्ज की।
सूत्रों की मानें तो अगले दिन हत्या की बात सामने आ चुकी थी, इसके बावजूद कार्रवाई नहीं हुई। उल्टा एसओ भुवनेश चौबे बिना रिपोर्ट दर्ज किए ही छुट्टी पर चले गए। मामले में कार्रवाई तब हुई जब यह अफसरों के संज्ञान में आया। इसके बाद हत्यारों की गिरफ्तारी हुई। घरवालों का आरोप है कि मामले में बरती गई लापरवाही से साफ है कि शंकरगढ़ एसओ ने हत्यारोपियों को बचाने की कोशिश की। शिकायत के बाद भी न तो रिपोर्ट दर्ज की। न ही हत्या की बात लगभग पुष्टि हो जाने के बाद भी आरोपियों पर कार्रवाई करने की जोहमत नहीं उठाई। मृतक की मां ने वरिष्ठ अधिकारियों से शिकायत की जिसके बाद मामले की जांच शुरू करा दी गई है। एसपी यमुनापार दीेपेंद्रनाथ चौधरी ने मामले की जांच शुरू कर दी है। उन्होंने बताया कि जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।