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कैबिनेट मंत्री नंदी पर हमले के आरोपी दिलीप मिश्रा को पुलिस ने भदोही से लिया हिरासत में

Thu, 28 May 2020 11:42 PM IST
विनोद सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
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arrested
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कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी पर रिमोट बम से हमला करवाने का आरोपी पूर्व ब्लाक प्रमुख दिलीप मिश्रा बृहस्पतिवार को भदोही से हिरासत में ले लिया गया। एक दिन पहले पकड़े गए खान मुबारक गैंग के शूटर नीरज सिंह ने पूछताछ में खुलासा किया था कि दिलीप ने उसे नैनी निवासी प्रॉपर्टी डीलर समेत दो लोगों की हत्या के लिए सुपारी दी थी। फिलहाल पुलिस देर रात तक दिलीप से पूछताछ में जुटी रही। हालांकि इस बारे में पुलिस अफसर कुछ भी बताने से इनकार करते रहे।
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एक लाख के इनामी अमेठी निवासी नीरज सिंह को पुलिस ने एक दिन पहले यमुनापार के औद्योगिक क्षेत्र स्थित माया देवी स्मारक शिक्षण संस्थान लवायन कला से गिरफ्तार किया था। पुलिस का दावा था की पूछताछ में नीरज ने जानकारी दी कि चाका के पूर्व ब्लाक प्रमुख दिलीप मिश्रा ने उसे 2 लोगों की हत्या की सुपारी देकर यहां बुलाया था। पुलिस ने नीरज के साथ ही उसके बेटे शुभम मिश्रा को भी गिरफ्तार किया था।

अपराध - फोटो : अमर उजाला
साथ ही हत्या की साजिश रचने के आरोप में मुकदमा दर्ज कर दिलीप को वांछित किया था। नीरज की गिरफ्तारी के बाद से ही पुलिस दिलीप की तलाश में लगी थी। बुधवार रात उसकी तलाश में शंकरगढ़ और मेजा सहित कई स्थानों पर दबिश दी गई। तलाश में जुटी टीम को सूचना मिली कि दिलीप भदोही, गोपीगंज के जंगीगंज में रहने वाले पूर्व जिला पंचायत सदस्य के घर छिप कर रहा है। इसके बाद एक टीम वहां के लिए रवाना हुई और भोर में में जंगीगंज पहुंचकर दिलीप को हिरासत में ले लिया। फिर तड़के उसे यहां लाकर पूछताछ शुरू की गई। 

रास्ते के विवाद में गई महिला की जान - फोटो : demo pic
सूत्रों की मानें तो प्रारंभिक पूछताछ में दिलीप ने अपने ऊपर लगे आरोपों को गलत बताया है। उसे बताया की लखनऊ के एक परिचित के कहने पर उसने नीरज को अपने यहां ठहराया था और उसके बारे में उसे ज्यादा कुछ मालूम नहीं था। फिलहाल पुलिस देर रात तक उससे पूछताछ में जुटी रही। उधर इस मामले में पुलिस अफसर कुछ भी बताने से इनकार करते रहे। एसपी यमुनापार दीपेंद्र नाथ चौधरी से पूछा गया तो उनका कहना था कि मामले में एसपी क्राइम ही कुछ बता पाएंगे। उधर एसपी क्राइम का कहना था कि वह अभी इस मामले में ज्यादा कुछ नहीं बता सकते।      
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Crime Scene

दस साल पहले शुरू हुआ पतन 

अपराध की दुनिया में अपना सिक्का कायम करने की जद्दोजहद के दौरान राजनैतिक पारी की शुरूआत करने वाले दिलीप मिश्रा की पकड़ जैसे-जैसे मजबूत हुई, उसका अपराध का रिकार्ड भी उसी तेजी से ऊंचा होता गया। 12 जनवरी 2010 को तत्कालीन बसपा सरकार के कबीना मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी पर हुए रिमोट बम से जानलेवा हमले में नाम आने के बाद से उसके दुर्दिन शुरू हुए और फिर वह संभाल नहीं सका।

दिलीप मिश्रा के राजनीति की साख पर बट्टा लगा गया। औद्योगिक क्षेत्र के लवायन कला गांव निवासी  दिलीप पर हत्या, हत्या के प्रयास, बलवा, धोखाधड़ी समेत विभिन्न प्रकार के कुल 44 आपराधिक मुकदमे नैनी, औद्योगिक क्षेत्र, सिविल लाइंस, महाराष्ट्र, नगर कोतवाली में दर्ज हैं। उसकी पत्नी अर्चना मिश्रा जिला पंचायत सदस्य हैं और बेटा शुभम भी ब्लाक प्रमुख चुनाव लड़ने की तैयारी में था। 

अंशू पांडेय के नाम से रह रहा था नीरज 

गिरफ्तारी के बाद नीरज ने पुलिस को बताया कि उसे पूर्व ब्लाक प्रमुख दिलीप मिश्रा ने नैनी के सुजीत सिंह और घूरपुर के घोघापुर के सनिल अहमद की हत्या की सुपारी दी थी। दिलीप मिश्रा ने ही उसे बुलाकर यहां शरण दी थी। वह यहां पर अपना नाम बदलकर अंशू पांडेय कर लिया था। उसके पास इसी नाम का आधार कार्ड भी पुलिस को मिला है। सीओ करछना आशुतोष तिवारी के मुताबिक नीरज ने खान मुबारक के इशारे पर सुल्तानपुर से लेकर अम्बेडकर नगर तक हत्या और फिरौती की कई घटनाएं कारित की है। 
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