साथ ही हत्या की साजिश रचने के आरोप में मुकदमा दर्ज कर दिलीप को वांछित किया था। नीरज की गिरफ्तारी के बाद से ही पुलिस दिलीप की तलाश में लगी थी। बुधवार रात उसकी तलाश में शंकरगढ़ और मेजा सहित कई स्थानों पर दबिश दी गई। तलाश में जुटी टीम को सूचना मिली कि दिलीप भदोही, गोपीगंज के जंगीगंज में रहने वाले पूर्व जिला पंचायत सदस्य के घर छिप कर रहा है। इसके बाद एक टीम वहां के लिए रवाना हुई और भोर में में जंगीगंज पहुंचकर दिलीप को हिरासत में ले लिया। फिर तड़के उसे यहां लाकर पूछताछ शुरू की गई।
रास्ते के विवाद में गई महिला की जान
- फोटो : demo pic
सूत्रों की मानें तो प्रारंभिक पूछताछ में दिलीप ने अपने ऊपर लगे आरोपों को गलत बताया है। उसे बताया की लखनऊ के एक परिचित के कहने पर उसने नीरज को अपने यहां ठहराया था और उसके बारे में उसे ज्यादा कुछ मालूम नहीं था। फिलहाल पुलिस देर रात तक उससे पूछताछ में जुटी रही। उधर इस मामले में पुलिस अफसर कुछ भी बताने से इनकार करते रहे। एसपी यमुनापार दीपेंद्र नाथ चौधरी से पूछा गया तो उनका कहना था कि मामले में एसपी क्राइम ही कुछ बता पाएंगे। उधर एसपी क्राइम का कहना था कि वह अभी इस मामले में ज्यादा कुछ नहीं बता सकते।