जनरथ बस से छुट्टी पर घर आ रहे वन अनुसंधान संस्थान के वैज्ञानिक को नशीला पदार्थ सुंघाकर जहरखुरानों ने लूट लिया। वह 24 मई की रात कानपुर से जनरथ बस से प्रयागराज आ रहे थे। दो दिन बाद आंख खुली तो खुद को अस्पताल में भर्ती देख हैरान रह गए। धूमनगंज थाने में अज्ञात लुटेरे के खिलाफ केस दर्जकर मामले की जांच की जा रही है।
आशुतोष पाठक लाल बिहार बमरौली के निवासी हैं। पुलिस को दी गई तहरीर के मुताबिक वह देहरादून में वन अनुसंधान संस्थान में वैज्ञानिक के पद पर तैनात हैं। छुट्टी मिलने पर वह 24 मई को घर लौट रहे थे। वह रात 10:30 बजे देहरादून से कानपुर पहुंचे थे। वहां से झकरकटी बस स्टैंड से उत्तर प्रदेश परिवहन निगम की जनरथ बस से प्रयागराज आ रहे थे। आरोप है कि उनके बगल की सीट पर सफर कर रहे एक अनजान व्यक्ति ने बस के कुछ दूर चलने के बाद ही उसने शराब पीने का आग्रह किया था, लेकिन उन्होंने मना कर दिया। थोड़ी ही देर बाद झपकी आने लगी और वह सो गए। इसके बाद 26 मई को उनकी आंख खुली तो वह एसआरएन अस्पताल में भर्ती थे। बगल में उनकी मां बैठी थीं।
उन्होंने बताया कि 25 मई की सुबह पौने पांच बजे उन्हें किसी अज्ञात व्यक्ति ने मुंडेरा चुंगी से ऑटो से घर तक पहुंचाया था और उनसे 600 रुपये किराया लेकर चला गया था। इसके बाद उन्हेें पता चला कि हाथ में पहनी तीन सोने की अंगुठी, एक सोने की चेन और पर्स में रखा एटीएम कार्ड, आधार कार्ड, पैन कार्ड, ऑफिस का आईकार्ड, क्रेडिट कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, मोबाइल फोन, 20 हजार रुपये सब गायब थे। खाते से भी से 1.60 लाख रुपये भी निकाल लिए गए थे। उनके अकाउंट में सिर्फ 33 रुपये बचे थे। संवाद