सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी की ओर से 28 नवंबर को यूपीटीईटी-2021 का आयोजन किया गया था, लेकिन पेपर आउट होने के कारण परीक्षा निरस्त कर दी गई थी। ऐसे में सरकार और शासन के सामने पुन: परीक्षा को शुचितापूर्वक और नकलविहीन कराने की बड़ी चुनौती है। इसी वजह से प्रमुख सचिव शासन ने सभी जिलाधिकारियों को पत्र लिखा है।
पत्र में लिखा गया है कि अगर पूर्व में प्रस्तावित परीक्षा केंद्रों के विरुद्ध सामूहिक नकल, पेपर आउट करने आदि की शिकायतें सामने आई हों तो इन परीक्षा केंद्रों को बदल कर दूसरे विद्यालय को परीक्षा केंद्र बनाया। साथ ही सबसे पहले राजकीय, सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों और महाविद्यालयों, सीबीएसई, आईसीएसई मान्यता प्राप्त अच्छी छवि वाले विद्यालयों को केंद्र बनाया जाए। सहमति प्राप्त कर विश्वविद्यालयों को भी परीक्षा केंद्र बनाया जा सकता है।