होरीलाल और प्यारेलाल गेरांय
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संभल के गांव घोरेल के होरीलाल भी जीविकोपार्जन के लिए परेशान हैं। सफाई मजदूर के तौर पर काम करने के बावजूद महीनों पारिश्रमिक नहीं मिल पाता। मोदी की जीत के बाद होरीलाल दिल्ली पहुंच गए हैं। वे पीएम से मिलकर बेटे के लिए नौकरी की बात करना चाहते हैं। उनका कहना है कि मोदी ने अकेले उनका नहीं, पूरे दलित समाज का सम्मान बढ़ाया है। इस अहसान को वह कभी नहीं भूल सकते हैं। यही वजह थी कि पूरे चुनाव में वह मोदी के नाम पर घर-घर प्रचार में जुटे रहे।
छत्तीसगढ़ के कोरबा गांव की ज्योति महतो बधाई देने वालों के हाथों मोदी की जीत की माला पहनकर घूम रही हैं। ज्योति का कहना है कि पीएम मोदी अब ऐसा काम करें, जिससे उसके साथ ही दूसरे लोगों के भी सामाजिक जीवन में बदलाव आए। ज्योति को भरोसा है कि मोदी की वापसी से इस बार दलितों का कायाकल्प जरूर होगा। इसी तरह चौबी देवी भी गदगद हैं। उनके नाते-रिश्तेदारों में भी खुशी का माहौल है। चौबी देवी कहती हैं कि उन्हें पूरी उम्मीद है कि अब मोदी उनके लिए कुछ करेंगे जरूर।
कुंभ में दलितों के पांव धोकर देश में दोबारा सत्ता हासिल करने वाले पीएम नरेंद्र मोदी को अब उस वर्ग के उत्थान की योजना बनानी चाहिए। उनकी आर्थिक कमजोरी दूर करने के साथ ही सामाजिक विकास के लिए बेहतर शिक्षा के लिए पूरे देश के स्कूलों में मुफ्त पढ़ाई का इंतजाम होना चाहिए। -सुनील राजदान, सचिव, अखिल भारतीय दलित साधु अखाड़ा परिषद।