जिला अदालत ने 22 साल पुराने कत्ल के मामले में सोमवार को अपना फैसला सुनाया। अदालत ने शीलवंत हत्याकांड में दोषी पाए गए पांच अभियुक्तों राम भवन, राम आसरे, श्याम भारती, रामराज पटेल और भगवनती देवी को आजीवन कारावास और प्रत्येक को 35 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
जिला अदालत ने 22 साल पुराने कत्ल के मामले में सोमवार को अपना फैसला सुनाया। अदालत ने शीलवंत हत्याकांड में दोषी पाए गए पांच अभियुक्तों राम भवन, राम आसरे, श्याम भारती, रामराज पटेल और भगवनती देवी को आजीवन कारावास और प्रत्येक को 35 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
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यह फैसला विशेष न्यायाधीश सिद्धार्थ कुमार वागव की अदालत ने सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) त्रियुगी नारायण दीक्षित और बचाव पक्ष के अधिवक्ताओं की दलीलें सुनने व पत्रावली पर उपलब्ध सबूतों का अवलोकन करने के बाद सुनाया। मामला प्रयागराज के घूरपुर थाना क्षेत्र का है। 14 जून 2003 की सुबह शीलवंत की हत्या कर दी गई थी।
कत्ल के एक मुकदमे में पैरवी करने की रंजिश को लेकर आरोपियों ने तमंचे से गोली मारकर वारदात को अंजाम दिया। आरोप पत्र के अनुसार भगवनती देवी भी घटनास्थल पर मौजूद थी और वह अन्य आरोपियों को कारतूस उपलब्ध करा रही थी। अदालत ने कहा कि अभियोजन ने आरोप सिद्ध करने में सफलता पाई है। गवाहों के बयान और दस्तावेज साक्ष्यों से यह साबित हो गया कि हत्या रंजिश के चलते की गई थी।