संगम पर अरैल में यमुना धाम का निर्माण कराया जाएगा। प्रयागराज में मां यमुना का यह पहला मंदिर होगा, जिसमें सूर्य, संज्ञा, शनि और यम की भी प्रतिमाओं की स्थापना करने का प्रस्ताव है। यह योजना यमुना दर्शन ट्रस्ट की ओर से बनाई गई है। श्रीरामजन्मभूति तीर्थ क्षेत्र के सदस्य जगदगुरु स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती ने यमुना धाम निर्माण के लिए मदद करने की सहमति दी है।
अरैल में यमुना धाम निर्माण के लिए केंद्र व प्रदेश सरकारों से भी संपर्क साधा गया है। इसके लिए ट्रस्ट की ओर से पीएमओ और सीएम योगी आदित्य नाथ को भी प्रस्ताव भेजा गया है। इस ट्रस्ट के संरक्षक के तौर पर स्वामी वासुदेवानंद यमुना धाम निर्माण के लिए पहल कर रहे हैं। उन्होंने मैनेजिंग ट्रस्टी विभास चंद्र को इसके लिए गृहमंत्री अमित शाह व सीएम योगी से वार्ता कर योजना को आगे बढ़ाने का भरोसा दिलाया है। यमुना धाम निर्माण के लिए एक प्रतिनिधि मंडल स्वामी वासुदेवानंद के साथ गृहमंत्री से मिलेगा।
इसमें हाईकोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता व ट्रस्ट केसदस्य अरुण गुप्ता भी शामिल होंगे। यमुना धाम निर्माण के साथ ही यमुना शोध संस्थान का भी गठन किया जाएगा। इस शोध संस्थान के माध्यम से यमुना नदी की जल गुणवत्ता की जांच व निर्मलीकरण की दिशा में काम किया जाएगा। यमुना धाम निर्माण के लिए स्वामी वासुदेवानंद के साथ पहली बैठक शंकराचार्य आश्रम में हुई है। इसमें यमुना दर्शन के मैनेजिंग ट्रस्टी विभास चंद्र के अलावा वरिष्ठ अधिवक्ता अरुण गुप्ता शामिल थे। जगदगुरु ने इस योजना को आगे बढ़ाने की सहमति दी है। उन्होंने इसके लिए गृहमंत्री और मुख्यमंत्री से मिलकर मूर्त योजना पर काम आगे बढ़ाने का भरोसा दिलाया। प्रस्ताव के मुताबिक इस धाम में पूरा यमुना परिवार होगा।
- यमुना धाम निर्माण के साथ ही अरैल में ही संगम तट पर हिमाचल की तर्ज पर यमुना महोत्सव कराने की भी योजना बनाई गई है। इसके लिए प्रदेश सरकार से वार्ता की जा रही है। ताकि संगम पर प्रतिवर्ष यमुना महोत्सव और प्रतिदिन यमुना आरती भी हो सके। विभास चंद्र, मैनेजिंग ट्रस्टी, यमुना दर्शन ट्रस्ट।