खाद, बीज की खरीद, फार्मर रजिस्ट्री सहित किसान हित की योजनाओं का लाभ अब अंगूठा लगाने पर ही मिल सकेगा। खाद की कालाबाजारी रोकने के लिए ई-पॉस मशीन का सॉफ्टवेयर अपडेट किया गया है। ई-पॉस मशीन पर अंगूठा लगाते ही किसान ने कितनी खाद या बीज को खरीदा है, उसकी पूरी जानकारी आ जाएगी।
समितियों, इफको केंद्रों के साथ ही निजी दुकानों पर अब तक आधार कार्ड व खतौनी के आधार पर ई-पॉस मशीन से खाद मिलती है। इसमें खाद खरीद करते समय किसान कितनी खाद ले गए, इसके डिटेल नहीं आती थी।
समितियों पर पंजीकृत किसानों की पासबुक बनाई गई है, इसमें ब्योरे के साथ अन्य जानकारियां दर्ज हैं। अब खाद और बीज की कालाबाजारी रोकने को लेकर ई-पॉस मशीन का साफ्टवेयर अपडेट किया गया है। इफको व निजी दुकानों पर इसी सॉफ्टवेयर से खाद बिक्री की जाएगी। एक सप्ताह से सॉफ्टवेयर अपडेशन का काम चल रहा था।
समिति का सदस्य बनना जरूरीः
अपर जिला सहकारी अधिकारी कोरांव प्रदीप कुमार पाठक ने बताया कि कोरांव में कुल 12 समितियां संचालित हैं।
समितियों पर उन किसानों को ही खाद मिलेगी जो समिति के सदस्य होंगे। खाद-बीज लेने के लिए समिति का सदस्य बनना अनिवार्य है।