नैनी एयरोस्पेस अब डोन पायलट भी तैयार करेगा। अबतक 150 ड्रोन बना चुके इस एयरोस्पेस में अब ड्रोन पायलट प्रशिक्षण को हर झंडी मिल गई है। यह कंपनी अब कृषि के साथ अन्य सेक्टरों के लिए ड्रोन का निर्माण जल्द ही शुरू करेगी। प्रशिक्षण के लिए संस्था ने स्टार्टअप कंपनी मेसर्स एंपरियन रोबोटिक्स टेक्नोलॉजीज के साथ समझौता किया है। दोनों संस्था मिलकर ड्रोन पायलट प्रशिक्षण कराएंगी। इससे ड्रोन क्षेत्र में रोजगार की असीमित संभावनाएं पैदा होने की उम्मीद है।
इसे देखते हुए नैनी एयरोस्पेस में ड्रोन पायलट प्रशिक्षण शुरू किया जा रहा है। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय की ओर से मान्यता मिलने के बाद ड्रोन पायलट प्रशिक्षण के लिए रजिस्ट्रेशन शुरू हो गया है। प्रशिक्षार्थी स्वयं के व्यवसाय के साथ कृषि कार्यों में इसका कुशलतापूर्वक उपयोग कर सकते हैं। प्रशिक्षण के लिए रजिस्ट्रेशन की तारीख घोषित होने से पूर्व ही कई प्रशिक्षार्थी नैनी एयरोस्पेस में आकर प्रशिक्षण संबंधित जानकारी प्राप्त कर रहे है। पांच दिवसीय प्रशिक्षण में थ्योरी एवं प्रैक्टिकल दोनों का अध्ययन शामिल होगा।
यह कोर्स ड्रोन पायलटों के ज्ञान को बढ़ावा देगा और भारत में तेजी से विकसित हो रहे ड्रोन क्षेत्र में क्षमताओं को आगे बढ़ाएंगा। पाठ्यक्रम पूरा होने के बाद प्रशिक्षुओं को प्रमाण पत्र दिया जाएगा। ड्रोन उड़ाने का लाइसेंस भारत सरकार के डिजिटल स्काई प्लेटफार्म द्वारा प्रदान किया जाएगा। प्रशिक्षण के लिए 10वीं पास 18 से 65 वर्ष तक के लोग आवेदन कर सकेंगे।
ड्रोन ट्रेनिंग का शुल्क 35 हजार रुपये निर्धारित किया गया है, जो अभी देश में चल रहे सभी ड्रोन ट्रेनिंग संस्थानों में सबसे कम है। शुरुआती के बैचों में छात्रों के लिए ट्रेनिंग फीस में 20 तथा कॉर्पोरेट के लिए 10 प्रतिशत डिस्काउंट दिया जाएगा। नैनी एयरोस्पेस के एचआर हेड नितेश सिंह ने बताया कि 15 अगस्त के बाद प्रशिक्षण के लिए आवेदन शुरू कर दिया जाएगा। भविष्य में ड्रोन की उपयोगिता काफी बढ़ जाएगी। साथ ही इससे प्रशिक्षण प्राप्त लोगों के लिए रोजगार की संभावनाएं काफी रहेगी।