प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की गई है, जिसमें प्रयागराज के महात्मा गांधी मार्ग पर स्थित शराब की दुकान (कंपोजिट शॉप) सिविल लाइंस नंबर-9 पर स्थित शराब की दुकान को हटाने या स्थानांतरित करने की मांग की गई है। यह याचिका पंकज जायसवाल और तीन अन्य की ओर से अधिवक्ता अभिजीत कुमार पांडेय व सुयश पांडेय ने दायर किया है। जिला मजिस्ट्रेट व जिला आबकारी अधिकारी को प्रतिवादी बनाया गया है।
याचिका में कहा गया है कि यह शराब की दुकान बिशप जॉनसन स्कूल एंड कॉलेज, न्यायविद हनुमान मंदिर और हाईकोर्ट के करीब खोली गई है। जबकि उत्तर प्रदेश शराब दुकान नियमावली 1968 के तहत पूजा स्थल, स्कूल, अस्पताल या आवासीय कॉलोनी के 50 मीटर के भीतर शराब की दुकान खोलना प्रतिबंधित है।
याचिका में यह भी आरोप लगाया गया है कि लोग शराब की दुकान के आसपास शराब का सेवन करते हैं, इससे कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ती है। इससे राहगीरों, खासकर बच्चों और महिलाओं के लिए परेशानी होती है।
याचिका में सर्वोच्च न्यायालय के फैसले का हवाला दिया गया है जिसके तहत शराब की दुकान को मंदिर, मस्जिद और शैक्षणिक संस्थान से 150 मीटर के भीतर नहीं खोला जाना चाहिए। वर्तमान मामले में इसका पालन नहीं किया गया है। याचिका में कहा गया है कि शराब की दुकान का संचालन निवासियों के सम्मान के साथ जीने के अधिकार का उल्लंघन करता है और अधिकारियों की ओर से उनकी शिकायतों पर कार्रवाई न करना उनके कानूनी अधिकारों का उल्लंघन है।
याची अधिवक्ता अभिजीत पांडेय ने बताया कि 17 जून 2025 को प्रयागराज विकास प्राधिकरण के जोनल अधिकारी की ओर से भू स्वामी को नोटिस जारी किया गया है। जिसमें कहा गया है कि बिना अनुमति नजूल भूमि पर टीन शेड लोहे के एंगल डालकर व्यावसायिक का अनाधिकृत निर्माण करते हुए व्यावसायिक उपयोग कंपोजिट शॉप संचालित किया जा रहा है। इस अवैध निर्माण को गिराने का आदेश क्यों न पारित किया जाए।