मुख्यातिथि स्वास्थ्य मंत्री कौल सिंह ठाकुर ने इन डॉक्टरों को सम्मानित किया।
छोटे स्टेशनों पर भी अब यात्रियों को रेलवे जरूरत पड़ने पर डॉक्टर उपलब्ध कराएगा। सफर के दौरान बीमार पड़ने वाले यात्रियों का हर हाल में इलाज हो इसके लिए रेलवे यह व्यवस्था लागू करने जा रहा है। रेलवे ने इसके लिए सभी स्टेशन मास्टरों को यह अधिकार दे दिया है कि वे जरूरत पड़ने पर प्राइवेट डॉक्टरों को भी बुला सकें । रेलवे बोर्ड ने इस संबंध में सभी जोनल रेलवे को उचित दिशा निर्देश जारी कर दिए हैं।
दरअसल पिछले माह बलिया से हावड़ा जा रहे एक यात्री की सफर के दौरान इलाज के अभाव में मौत हो गई। घंटों के इस सफर में उसे बीच रास्ते कहीं भी डॉक्टर उपलब्ध नहीं कराया जा सका। इस पूरे प्रकरण पर रेल प्रशासन की खासी किरकरी हुई। इस मामले को रेलमंत्री सुरेश प्रभु ने भी गंभीरता से लिया। प्रभु के हस्तक्षेप के बाद रेलवे प्रशासन ने ट्रेनों में अब सभी स्टेशनों पर चिकित्सक उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है।
बता दें कि वर्तमान समय में रेलवे यात्रियों के लिए देश के बड़े स्टेशनों पर ही चिकित्सक उपलब्ध करा पाता है। इसमें भी रेलवे के चिकित्सक ही आते हैं। पिछले माह इलाज के अभाव में यात्री की मौत के बाद रेलवे ने सभी स्टेशनों पर चिकित्सक उपलब्ध कराने का फरमान जारी कर दिया है। रेलवे बोर्ड के एडीजी पीआर अनिल सक्सेना के मुताबिक नई व्यवस्था के तहत स्टेशन मास्टरों को भी अधिकार दे दिया गया है कि वे ऑन डिमांड प्राइवेट डॉक्टरों को बुला सकते हैं। उनके खर्चे का वहन रेलवे ही करेगा। एडीजी पीआर ने बताया कि रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने स्पष्ट किया है कि सफर के दौरान यात्री बीमार पड़ता है या घायल होता है तो उसे हर हाल में चिकित्सीय सुविधा उपलब्ध कराई जाए।