भारत निर्वाचन आयोग ने फूलपुर और गोरखपुर लोकसभा उपचुनाव के लिए तैयारी शुरू कर दी है। चुनाव की अधिसूचना फरवरी के तीसरे सप्ताह में जारी होने की उम्मीद है। इसके लिए दोनों जिलों के जिला निर्वाचन अधिकारियों समेत अन्य अफसरों का दो दिनी प्रशिक्षण कार्यक्रम मंगलवार को शुरू होगा। इसके लिए यहां के डीएम समेत अन्य अफसर दिल्ली रवाना हो गए। गोरखपुर लोकसभा सीट मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तथा इलाहाबाद की फूलपुर सीट उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के इस्तीफे से खाली हुई है। दोनों सीट पर 22 मार्च से पहले चुनाव हो जाना है। चूंकि, एक महीना पहले यानी 22 फरवरी तक चुनाव की अधिसूचना जारी हो जानी चाहिए। इसके विपरीत 21 फरवरी को फाइनल मतदाता सूची जारी होगी। ऐसे में 21 फरवरी से चार-पांच दिन पहले अधिसूचना जारी होने की उम्मीद की जा रही है। इसके मद्देनजर आयोग ने तैयारी भी शुरू कर दी है। इसके तहत मंगलवार और बुधवार को होने वाले प्रशिक्षण कार्यक्रम में दोनों जिलों के संबंधित अफसर शामिल होंगे। इलाहाबाद से डीएम सुहास एलवाई, एडीएम प्रशासन महेंद्र नाथ राय, सिटी मजिस्ट्रेट, एसडीएम सोरांव और फूलपुर शामिल हाेंगे।
महिला सशक्तिकरण के लिए कई योजनाएं चालू हैं। इसके विपरीत एक सच्चाई यह भी है कि बड़ी संख्या में महिलाएं मताधिकार से भी वंचित हैं। मतदाता सूची में उनके नाम ही नहीं हैं। जिले में प्रति एक हजार पुरुष पर मात्र 818 महिला मतदाता हैं। जबकि, 2011 की जनगणना के अनुसार प्रति एक हजार पुरुषों के अनुपात में महिलाओं की संख्या 902 है।
गौर करने वाली बात यह है कि महिला मतदाताओं की स्थिति शहर में ज्यादा खराब है। सबसे कम जेंडर रेशियो फूलपुर विधानसभा में मात्र 795 है। इसके बाद शहर उत्तरी में प्रति 1000 पुरुष पर मात्र 799 महिला मतदाता हैं। करछना में 804, मेजा और शहर पश्चिमी में 812-812 है। सबसे अधिक जेंडर रेशियो 843 कोरांव में है। वहीं प्रति 1000 पुरुष पर फाफामऊ में 827, सोरांव में 839, प्रतापपुर में 828, हंडिया में 816, शहर दक्षिणी में 822, बारा में 829 महिला मतदाता हैं।
जिला प्रशासन की ओर से मंगलवार को मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी। इसके अगले दिन यानी बुधवार से इसमें संशोधन तथा नए मतदाता बनाने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। एक जनवरी 2018 को 18 या इससे अधिक आयु पूरी करने वाले युवा मतदाता बन सकेंगे। यह प्रक्रिया 31 जनवरी तक चलेगी। इस दौरान महिलाओं को मतदाता बनाने के लिए विशेष अभियान चलाए जाएंगे। जागरूकता अभियान भी चलाए जाएंगे। इनके अलावा 18 और 19 वर्ष के युवाओं को मतदाता बनाने पर भी विशेष जोर होगा। एडीएम प्रशासन महेंद्र राय ने बताया अंतिम मतदाता सूची 21 फरवरी को जारी की जाएगी।
जिला प्रशासन की ओर से जारी सूची पर गौर करें तो यहां लोगों ने मतदाता बनने पर कुछ ज्यादा ही रुचि दिखाई। बाहरी लोग भी मतदाता बन गए हैं। आंकड़े तो यही बताते हैं। औसतन कुल जनसंख्या में 18 वर्ष से अधिक आयु के लोगों की संख्या 62 से 63 फीसदी है। इसके विपरीत यहां कुल जनसंख्या के 66.66 प्रतिशत मतदाता हैं। इस विसंगति को दूर करना प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती है। शहरी तथा आसपास के क्षेत्रों में यह संख्या कुछ ज्यादा है। शहर दक्षिणी विधानसभा में तो 79.78 फीसदी आबादी मतदाता है। वहीं करछना विधानसभा में 72.25 तथा शहर पश्चिमी में 72.25 प्रतिशत लोग मतदाता सूची में शामिल हैं। शहर उत्तरी में भी 69.89 फीसदी लोग मतदाता सूची में शामिल हैं। वहीं सबसे कम कोरांव में कुल आबादी के 60.15 फीसदी लोग मतदाता सूची में शामिल हैं। फाफामऊ में यह संख्या 66.19, सोरांव में 62.29, फूलपुर में 64.37, हंडिया में 64.43, मेजा में 61.39, बारा में 63.54 प्रतिशत है।