बसपा ने काफी पहले ही इस सीट से अपने प्रत्याशी के नाम की घोषणा कर दी थी। बसपा प्रत्याशी शिव बरन पासी भी लगातार इस सीट पर अपनी सक्रियता बढ़ाए हुए हैं। हालांकि, सियासी गलियारे में लोग भाजपा पर ही निगाहें लगाकर बैठे हैं।
लोकसभा चुनाव के दौरान फूलपुर विधानसभा सीट पर भाजपा का प्रदर्शन बेहतर नहीं रहा। इस सीट पर सपा ने 17 हजार से ज्यादा की लीड ली। इससे सपाई खासे उत्साहित भी हैं।
अब मुज्तबा सिद्दीकी को उम्मीदवार बनाए जाने के बाद सपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उपचुनाव के लिए अपनी ताकत झोंक दी है। सपा प्रदेश अध्यक्ष श्यामलाल पाल भी लगातार प्रयागराज में आकर चुनावी तैयारियों का जायजा ले रहे हैं।
हालांकि, भाजपा के उम्मीदवार का नाम तय न होने से पार्टी कार्यकर्ता अभी पूरी तन्मयता से चुनावी तैयारियों में दिलचस्पी नहीं ले रहे हैं। उधर बताया जा रहा है कि भाजपा अपने प्रत्याशी का नाम जल्द ही घोषित कर सकती है।
इसे लेकर पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारियों की दिल्ली में बैठक भी हो चुकी है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि फूलपुर से कुर्मी बिरादरी के ही किसी नेता को टिकट मिल सकता है। इस बारे में भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व विधायक अशोक बाजपेयी का कहना है कि ऐसा सुनने में आया है कि पार्टी ने प्रत्याशी का नाम तकरीबन तय कर लिया है। अब सिर्फ घोषणा होनी बाकी है। उन्होंने कहा कि भाजपा इस सीट पर जीत की हैट्रिक लगाने जा रही है।
पूर्व सांसद डॉ. रीता बहुगुणा जोशी ने कहा कि यूपी की सभी दस विधानसभा सीटें भाजपा और उसके सहयोगी दल ही जीतेंगे। वहीं, इस बारे में समाजवादी पार्टी के प्रदेश सचिव विनय कुशवाहा का कहना है कि लोकसभा चुनाव के दौरान भाजपा फूलपुर विधानसभा में बड़े अंतर से पिछड़ी थी। यही परिणाम उपचुनाव में भी आएगा।
फूलपुर के 4.07 लाख मतदाता करेंगे अपने विधायक का चुनाव
फूलपुर उपचुनाव में 4,07,366 मतदाता नए विधायक को चुनेंगे। नामांकन प्रक्रिया 18 अक्तूबर को डीएम न्यायालय के कक्ष में होगी, जबकि मतों की गिनती 23 नवंबर को मुंडेरा मंडी परिसर में होगी। एसडीएम फूलपुर दिग्विजय सिंह निर्वाचन अधिकारी बनाए गए हैं। प्रवीण पटेल के फूलपुर लोकसभा से सांसद चुने जाने से यह सीट खाली हुई है। उपचुनाव की घोषणा के राजनीतिक दलों के साथ जिला प्रशासन तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुट गया है। डीएम रविंद्र कुमार मंदर ने मंगलवार सुबह एडीएम प्रशासन पूजा मिश्रा, एसडीएम फूलपुर समेत अन्य अफसराें संग बैठक चुनाव की तैयारियों के निर्देश दिए।
तारीख की घोषणा के बाद शाम को जिला प्रशासन एवं पुलिस की संयुक्त बैठक में चुनाव की प्रक्रिया और सुरक्षा समेत अन्य पहलुओं पर चर्चा हुई। एडीएम प्रशासन पूजा मिश्रा ने बताया कि 18 अक्तूबर को जिलाधिकारी अधिसूचना जारी करेंगे। इसके साथ नामांकन की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। नामांकन की आखिरी तारीख 25 अक्तूबर है। नामांकन से लेकर नाम वापसी और चुनाव आवंटन की प्रक्रिया जिलाधिकारी न्यायालय कक्ष में होगी। 13 नवंबर को 220 मतदान स्थलों के 435 बूथों पर मतदान होगा।
लोकसभा चुनाव से घट गए 6,277 मतदाता
छह महीने में ही फूलपुर विधानसभा में 6,277 मतदाता कम हो गए हैं। इसी वर्ष मई में हुए लोकसभा चुनाव में फूलपुर विधानसभा में 4,13,643 मतदाता थे लेकिन अब यह संख्या 4,07,366 रह गई है। इस तरह से लोकसभा चुनाव की तुलना में 6,277 वोटर कम हो गए। इसमें भी महिलाओं की संख्या में अधिक कमी आई है।
लोकसभा चुनाव में 1,87,346 महिला मतदाता थीं लेकिन इस बार यह संख्या 1,83,748 रह गई। इस तरह से 3,598 महिला मतदाता घट गईं। वहीं 2497 पुरुष मतदाता कम हुए हैं। आठ अक्तूबर को जारी मतदाता सूची के अनुसार, कुल 2,23,560 पुरुष मतदाता हैं, जबकि वहीं लोकसभा चुनाव में इनकी संख्या 2,26,057 थी। लोकसभा चुनाव की तुलना में थर्ड जेंडर वोटरों की संख्या भी 60 से घटकर 58 हो गई है।
एक नजर में
कुल मतदाता ------ 4,07,366
पुरुष मतदाता ------2,23,560
महिला मतदाता ------1,83,748
थर्ड जेंडर ------58
मतदान स्थल ------220
बूथ ------435
2400 से अधिक कर्मचारी कराएंगे चुनाव
उपचुनाव में 2400 अधिक कर्मचारियों की ड्यूटी लगेगी। हर बूथ पर चार कर्मचारियों को तैनात किया जाएगा। इस तरह से 1740 कर्मचारी मतदान कराएंगे। इनके अलावा 25 फीसदी अतिरिक्त कर्मियों की ड्यूटी लगाई जाएगी। मतगणना और चुनाव की अन्य प्रक्रिया में करीब 300 कर्मचारियों तैनात करने की बात कही जा रही है।
40 लाख खर्च कर सकेंगे प्रत्याशी
उम्मीदवार चुनाव प्रचार में अधिकतम 40 लाख रुपये खर्च कर पाएंगे। वर्ष 2022 विधानसभा के चुनाव में ही खर्च की सीमा 30.80 लाख से बढ़ाकर 40 लाख रुपये की गई थी।
चुनाव कार्यक्रम
अधिसूचना एवं नामांकन की शुरुआत - 18 अक्तूबर
नामांकन की आखिरी तारीख - 25 अक्तूबर
नामांकन पत्रों की जांच - 28 अक्तूबर
नाम वापसी - 30 अक्तूबर
मतदान - 13 नवंबर
मतगणना - 23 नवंबर