इलाहाबाद। गंगा के बढ़ते जलस्तर से फाफामऊ रेल ब्रिज खतरे में पड़ गया है। यहां ब्रिज के फाफामऊ छोर पर पिलर के नीचे मिट्टी धसकने से मंगलवार को हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही प्रयाग और फाफामऊ से तमाम रेलवे कर्मी मौके पर पहुंच गए। बाद में यहां रखे बोल्डरों को मिट्टी धसकने वाले स्थान पर लगा दिया गया। इसके बाद पुल पर काशन लगा दिया गया। काशन लगने के बाद यहां से गुजरने वाली ट्रेनों की अधिकतम स्पीड 20 किलोमीटर प्रतिघंटा कर दी गई।
पिछले कई दिनों से गंगा के जलस्तर में वृद्धि हो रही है। इलाहाबाद में गंगा खतरे के निशान से तकरीबन डेढ़ मीटर ऊपर बह रही है। गंगा के तेज बहाव के चलते फाफामऊ छोर पर रेल ब्रिज के नीचे की मिट्टी सोमवार को अचानक धसकने लगी। इस बीच रेलवे का टेक्निकल स्टाफ पुल का निरीक्षण कर रहा था। तुरंत ही इसके बारे में उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया गया। थोड़ी ही देर में प्रयाग और फाफामऊ से उत्तर रेलवे के इंजीनियरिंग विभाग के कर्मचारी मौके पर पहुंच गए। पुल के पिलर को देखने के बाद फाफामऊ स्टेशन पर वोल्डर लदी वाराणसी जा रही ट्रेन को यहां रोक लिया गया। इसके बाद ट्रेन में लदे बोल्डर मिट्टी धसने वाले स्थान पर डालने की कार्रवाई शुरू कर दी गई। साथ ही ब्रिज से गुजरने वाली ट्रेनों की अधिकतम स्पीड शाम पांच बजे 20 किलोमीटर प्रतिघंटा कर दी गई। साथ ही इंजीनियरिंग विभाग के कर्मचारियों की टीम ब्रिज की निगरानी के लिए तैनात कर दी गई।