17 मंडल मुख्यालयों में आयोजित हुई परीक्षा
आयोग के अध्यक्ष डॉ. प्रशांत कुमार ने बताया कि प्रवक्ता संवर्ग के तहत कुल 18 विषयों की लिखित परीक्षा के क्रम में शनिवार को प्रथम पाली एवं द्वितीय पाली में कुल नौ विषयों की परीक्षा प्रदेश के 17 जनपदों (मंडलों मुख्यालयों) में आयोजित की गई। परीक्षा में 89,766 परीक्षार्थी शामिल हुए जिनमें 34.89 फीसदी महिला व 42.26 पुरुष परीक्षार्थी हैं।
पहली पाली में सुबह 9:30 से 11:30 बजे तक 278 केंद्रों पर भौतिक विज्ञान, जीव विज्ञान, गृह विज्ञान, इतिहास व शिक्षाशास्त्र और दूसरी द्वितीय पाली में अपराह्न 2:30 बजे से 4:30 बजे तक 269 केंद्रों पर अंग्रेजी, कृषि, वाणिज्य व समाजशास्त्र विषय की परीक्षा आयोजित की गई। रविवार को प्रथम पाली में नागरिक शास्त्र, गणित, अर्थशास्त्र, संस्कृत व मनोविज्ञान और दूसरी पाली में रसायन विज्ञान, भूगोल, हिंदी व कला विषय की परीक्षा होगी।
पहली बार आया इतना कठिन प्रश्नपत्र
इससे पूर्व प्रवक्ता भर्ती परीक्षा उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा चयन बोर्ड कराता था जिसका अब उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग में विलय किया जा चुका है। अभ्यर्थियों का कहना है कि पूर्व की परीक्षाओं में तथ्यात्मक प्रश्न अधिकारी होते थे और उनका विकल्प चुनने में दिक्कत नहीं होती थी लेकिन आयोग ने परीक्षा का ट्रेंड ही बदल दिया जिसमें रटकर परीक्षा में बैठने वालों के लिए कोई मौका ही नहीं रह गया।
एआई कैमरों से हर परीक्षार्थी की गतिविधि पर रही नजर
आयोग अध्यक्ष डॉ. प्रशांत कुमार ने बताया कि परीक्षा की पारदर्शिता एवं शुचिता सुनिश्चित करने के लिए आयोग मुख्यालय में स्थापित एआई एकीकृत नियंत्रण कमांड कक्ष से सभी परीक्षा केंद्रों की सघन निगरानी की गई। इस दौरान आयोग के सदस्य, सचिव, परीक्षा नियंत्रक एवं उपसचिव की उपस्थिति में परीक्षा केंद्रों पर लगाए गए एआई कैमरों के माध्यम से हर परीक्षार्थी की गतिविधि पर पैनी नजर रखी गई।