इस वजह से जिले की सीमा पर ही मालवाहक वाहनों की लंबी कतार लग गई है। तमाम ट्रैंकर भी जाम में फंसे हैं। रामबाग के विवेक श्रीवास्तव ने बताया कि उन्हें एक जरूरी काम से लखनऊ जाना था, सुबह कार लेकर निकले तो कई पंप पर उन्हें पेट्रोल नहीं मिला। इसके बाद सिविल लाइंस एक पंप पर उन्हें पेट्रोल मिल सका।
इस दौरान पेट्रोल पंप संचालकों से पूछा तो मालूम पड़ा कि जाम और नो इंट्री की वजह से टैंकर ही नहीं पहुंच पा रहे हैं। एक पेट्रोल पंप के संचालक अनुज गुप्ता ने बताया कि पेट्रोल, डीजल की कमी नहीं है, बस जाम की वजह से टैंकर पंप तक बहुत ही मुश्किल से पहुंच पा रहे हैं।
नहीं पहुंच पा रहा कच्चा माल
यही स्थित नैनी औद्योगिक क्षेत्र की है। माल वाहक वाहनों के न आने से उद्यमी बेहद निराश हैं। तमाम उद्यमियों ने इस बारे में जिला प्रशासन और पुलिस से गुहार भी लगाई है, लेकिन नो इंट्री की वजह से उनके वाहन जिले में प्रवेश ही नहीं कर पा रहे हैं। उद्यमी राजीव नैय्यर ने बताया कि 26 जनवरी से ही समस्या बनी हुई है। पहले मौनी अमावस्या तो उसके बाद वसंत पंचमी के मौके पर मालवाहक वाहनों की शहर में इंट्री नहीं हो सकी। बीच में एक-दो दिन कुछ घंटे की छूट मिली भी लेकिन अब तीन दिन से सारे वाहन हाइवे पर ही खड़े हैं।
शहर में गहरा सकता है खाद्यान्न का संकट
प्रयागराज। मालवाहक वाहनों की नो इंट्री से शहर में खाद्यान्न का संकट गहरा सकता है। मुट्टीगंज, नखासकोहना आदि गल्ला मंडी में अब सीमित अनाज ही रह गया है। इससे व्यापारी भी काफी परेशान हैं। कारोबारी दीपक केसरवानी ने बताया कि मालवाहक वाहनों की आवाजाही न होने से दिक्कत काफी बढ़ गई है। उन्होंने बताया कि लालगोपालगंज के पास चीनी, चावल आदि खाद्यान्न लदे ट्रक खड़े हैं। कोखराज के पास भी आटा,सूजी, मैदा समेत तमाम जरूरी खाद्यान्न लदे ट्रकों को इंट्री नहीं मिल पा रही है।
‘ जिला प्रशासन और मेयर के समक्ष हम व्यापारियों ने अपनी समस्या रखी है। अगर खाद्यान्न के वाहनों को प्रवेश न दिया तो आम लोगों को आने वाले दिनों में परेशानी हो सकती है।’ - सतीश केसरवानी, जिलाध्यक्ष इलाहाबाद गल्ला तिलहन व्यापार मंडल
‘ नैनी के उद्योगों के सफल संचालन के लिए जरूरी है कि रात 11 बजे से सुबह पांच बजे तक मालवाहक वाहनों को प्रवेश दिया जाए। ताकि कामगारों को रोजगार भी मिलता रहे।’ - विनय टंडन, अध्यक्ष, ईस्टर्न यूपी चैंबर ऑफ कामर्स एंड इंडस्ट्री
‘ पेट्रोल, डीजल आवश्यक वस्तुओं में शामिल है। जिला प्रशासन को चाहिए कि कम से कम पेट्रोल और डीजल के टैंकरों को न रोका जाए। जो टैंकर जाम में फंसे हैं उन्हें प्राथमिकता के आधार पर निकाला जाए।’ - मो. अशरफ अशफाक, अध्यक्ष, इलाहाबाद पेट्रोल डीलर्स वेलफेयर एसोसिएशन।