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High Court : प्रयागराज के करेला बाग कॉलोनी में शराब की दुकानों को बंद करने की याचिका खारिज

Sun, 02 Nov 2025 05:27 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने करेला बाग कॉलोनी और गुरु तेग बहादुर नगर में शराब की दुकानों को हटाने या बंद करने की मांग वाली जनहित याचिका खारिज कर दी।
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अदालत। - फोटो : अमर उजाला।
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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने करेला बाग कॉलोनी और गुरु तेग बहादुर नगर में शराब की दुकानों को हटाने या बंद करने की मांग वाली जनहित याचिका खारिज कर दी। कोर्ट ने कहा कि गैरमान्यता प्राप्त कॉलोनी व बिना पंजीकृत मंदिरों की मौजूदगी के आधार पर शराब की दुकानों को नहीं हटाया जा सकता। यह आदेश मुख्य न्यायाधीश अरुण भंसाली और न्यायमूर्ति शैलेंद्र क्षितिज की खंडपीठ ने स्थानीय निवासियों की ओर से दाखिल जनहित याचिका पर दिया है। याचियों ने तर्क दिया कि ये दुकानें आवासीय कॉलोनी व शिव मंदिर के 100 मीटर के दायरे में हैं। ये उत्तर प्रदेश आबकारी दुकानों की संख्या एवं स्थान नियमावली-1968 के तहत तय 100 मीटर की निषिद्ध दूरी के भीतर आती हैं। ऐसे में इन्हें बंद किया जाना चाहिए।

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कोर्ट ने याचियों की दलील यह कहते हुए खारिज कर दी कि आवासीय कॉलोनी वही मानी जाएगी जो सक्षम प्राधिकारी (पीडीए या नगर निगम) से विधिवत अनुमोदित हो। करेला बाग कॉलोनी के मामले में ऐसा कोई प्रमाण प्रस्तुत नहीं किया गया। अदालत ने यह भी पाया कि क्षेत्र में कई व्यावसायिक प्रतिष्ठान भी मौजूद हैं, जिससे यह इलाका पूरी तरह आवासीय नहीं कहा जा सकता। याचियों ने यह भी तर्क दिया कि शराब की दुकानें एक प्राचीन शिव मंदिर से करीब 50–60 मीटर की दूरी पर हैं, लेकिन कोर्ट ने इस दलील को भी सिरे से खारिज कर दिया। कहा कि संबंधित मंदिर न तो किसी पंजीकृत ट्रस्ट या सोसाइटी के स्वामित्व में है और न ही सार्वजनिक पूजा स्थल के रूप में अधिसूचित है। इसलिए दूरी का प्रतिबंध लागू नहीं होता।

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