इसके अनुसार एक बार यह स्थापित हो जाए कि शादी का वादा, जिसकी आड़ में आरोपी ने पीड़िता के साथ संबंध बनाया था, शुरू से ही झूठा था और ऐसे वादे पर यदि आरोपी ने उसे प्रेरित करते हुए यदि पीड़िता से यौन संबंध बनाया है तो उसे बलात्कार का अपराध माना जाएगा। कोर्ट ने नशीला कोल्ड डि्ंक पिलाकर बेहोशी की हालत में संबंध बनाने के मामले का संज्ञान लिया।
कोर्ट ने कहा, पीड़ितों की सुरक्षा करना पुलिस का कर्तव्य है, लेकिन मौजूदा मामले में लगाए गए आरोपों के अनुसार प्रतीत होता है कि याची ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए महिला का यौन शोषण किया है। इस मामले में हस्तक्षेप करने का कोई उपयुक्त आधार नहीं है, ऐसे में आवेदन खारिज किया जाता है।