इस कॉलेज की प्रबंध समिति के अध्यक्ष स्वामी चिन्मयानंद हैं। शिकायत मिलने के बाद निदेशालय ने क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी को मौके पर भेजा था। इसके बाद भी राकेश कुमार को ज्वाइन न कराए जाने पर निदेशालय ने शासन से कार्रवाई की अनुमति मांगी। इससे पूर्व एसएन सेन कॉलेज कानपुर में भी प्राचार्य को ज्वाइन न कराए जाने पर निदेशालय ने कॉलेज पर कार्रवाई की अनुमति मांगी थी।
कुछ अन्य कॉलेजों की शिकायत भी निदेशालय को मिली थी, जो प्राचार्य पद पर चयनित अभ्यर्थियों को ज्वाइन नहीं करा रहे हैं। शासन ने ऐसे कॉलेज पर कार्रवाई की अनुमति दे दी है। अब निदेशालय की ओर से कॉलेजों को नोटिस भेजा जा रहा है। सहायक निदेशक डॉ. बीएल शर्मा का कहना है कि नोटिस मिलने के बाद भी ज्वाइन न कराने पर कॉलेजों की प्रबंध समिति भंग करने की संस्तुति की जाएगी और प्रबंध समिति की जिम्मेदारी संबंधित डीएम को सौंप दी जाएगी।
प्राचार्य के 50 पदों पर वेटिंग लिस्ट वालों की भर्ती फंसी
अशासकीय कॉलेजों में प्राचार्य के 290 पदों पर चयनित अभ्यर्थियों में से 50 अभ्यर्थियों ने ज्वाइन नहीं किया है। इनकी जगह वेटिंग लिस्ट में शामिल अभ्यर्थियों को कॉलेज आवंटित किए जाने हैं, लेकिन मुख्य सूची में चयनित एक अभ्यर्थी के कोर्ट में चले जाने से प्रक्रिया अटक गई है। याचिका दाखिल करने वाले अभ्यर्थी को बलिया स्थित कुंवरपाल सिंह कॉलेज आवंटित किया जा चुका है। अभ्यर्थी की मांग है कि अन्य कॉलेज की सीटें खाली हैं, इसलिए दूसरा कॉलेज आवंटित किया जाए, जबकि उच्च शिक्षा निदेशालय इसके लिए तैयार नहीं है। मामला कोर्ट में जाने से वेटिंग लिस्ट वालों की कॉलेज आवंटन की प्रक्रिया भी शुरू नहीं हो पा रही।