मामले में वरुणा ट्रॉमा एंड बर्न सेंटर, क्वार्सी चौराहा, अलीगढ़ सड़क पार दूसरे भवन में नया कनेक्शन देने के बजाय विभाग के अभियंता ने लोड बढ़ाकर बिजली आपूर्ति बहाल कर दी। विभाग ने इसे विद्युत विभाग की नियमावली के अनुसार गलत माना और जांच के बाद अभियंता के मूल वेतन से एक स्टेप की कटौती का दंड दिया।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश पॉवर कॉर्पोरेशन लिमिटेड, लखनऊ के चेयरमैन के आदेश ''अधिशासी अभियंता के मूल वेतन से एक स्टेप की कटौती'' को गैर कानूनी बताया है। न्यायमूर्ति जेजे मुनीर की कोर्ट ने कहा, इसकी जांच किए जाने की जरूरत है। विनियमों में इस तरह की सजा का प्रावधान नहीं है, यह सजा नहीं दी जा सकती।
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मामले में वरुणा ट्रॉमा एंड बर्न सेंटर, क्वार्सी चौराहा, अलीगढ़ सड़क पार दूसरे भवन में नया कनेक्शन देने के बजाय विभाग के अभियंता ने लोड बढ़ाकर बिजली आपूर्ति बहाल कर दी। विभाग ने इसे विद्युत विभाग की नियमावली के अनुसार गलत माना और जांच के बाद अभियंता के मूल वेतन से एक स्टेप की कटौती का दंड दिया।
इसके विरुद्ध अभियंता की ओर से दायर याचिका को स्वीकार करते हुए हाईकोर्ट ने आक्षेपित आदेश को रद्द कर दिया। साथ ही कहा, नए सिरे से जांच की जा सकती है, लेकिन किसी भी स्थिति में विवादित आदेशों से दी गई सजा से अधिक कोई सजा नहीं दी जाएगी।