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आदित्य को इंसाफ दिलाने सड़क पर उतरे लोग

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प्रयागराज। तेज रफ्तार वाहन की टक्कर से जान गंवाने वाले बीएचएस के छात्र आदित्य भार्गव को इंसाफ दिलाने रविवार को लोग सड़क पर उतरे। परिजनों ने अलग-अलग वर्ग के लोगों के साथ मिलकर सुभाष चौराहे से कैंडिल मार्च निकाला। जिसमें हादसे की उच्चस्तरीय जांच कराने के साथ ही सड़क पर मौत बनकर दौड़ने वाले वाहनों के खिलाफ अभियान चलाकर कार्रवाई की मांग की गई।
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लूकरगंज निवासी आदित्य बीएचएस में कक्षा 11 का छात्र था। 10 नवंबर को वह अपने दोस्तों से मिलने स्कूटी लेकर जा रहा था तभी पोलो ग्राउंड के पास तेज रफ्तार स्कार्पियो ने उसे टक्कर मार दी, जिसमें उसकी मौत हो गई थी। मामले में धूमनगंज निवासी चालक हैदर अली को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। हालांकि परिजन पुलिस की कार्रवाई से संतुष्ठ नहीं हैं। उनका कहना है कि हादसे के वक्त गाड़ी कोई और चला रहा था और चालक सिर्फ उसे बचाने के लिए झूठा बयान दे रहा है। इसी क्रम में शनिवार को पिता राजुल भार्गव समेत अन्य परिजनों ने कैंडिल मार्च निकाला। जिसमें व्यापार मंडल के साथ ही अधिवक्ता, डॉक्टर, सीए के अलावा सेंट जोसेफ, बीएचएस, जीएचएस के छात्र-छात्राएं व उनके शिक्षक भी शामिल हुए। सभी ने एक स्वर से हादसे की उच्चस्तरीय जांच कराए जाने की मांग की।
परिजनों ने मामले की विवेचना स्थानांतरित करने की मांग उठाई थी और उनका दावा है कि विवेचना के लिए केस क्राइम ब्रांच को भेज दिया गया है। सुभाष चौराहे से निकाला गया कैंडिल मार्च पत्थर गिरजाघर से होते हुए वापस सुभाष चौराहे पर आकर संपन्न हुआ। जहां आदित्य को श्रद्धांजलि दी गई। मार्च में शामिल लोगों ने तेज रफ्तार व यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ अभियान चलाकर कार्रवाई की भी मांग की। जिसमें वाहनों पर काली फिल्म लगाने, प्रमुख सड़कों पर स्पीड ब्रेकर बनवाने, सड़कों पर लगे खराब पड़े सीसीटीवी कैमरों को ठीक कराने जैसी अन्य मांगें भी शामिल हैं। इस मांगपत्र पर मार्च में शामिल हजारों लोगों ने दस्तखत भी किए। बताया कि इसकी प्रति मुख्य न्यायाधीश, मुख्यमंत्री, कमिश्नर, डीएम, एसएसपी व एसपी ट्रैफिक को भी भेजी जाएगी।
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पुलिस की जांच: केवल दो ही लोग थे स्कॉपियो में
मामले में अब तक पुलिस की ओर से की गई जांच में यही बात सामने आई है कि हादसे के वक्त स्कॉपियो मेें केवल दो ही लोग सवार थे। पुलिस का कहना है कि चालक ने अपने बयान में खुद यह बात बताई है। इसके अलावा दर्जनों सड़कों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई। हालांकि कहीं भी गाड़ी नजर नहीं आई। फिलहाल चालक के बयान के आधार पर कार्रवाई करते हुए उसे जेल भेज दिया गया है। उधर परिजनों ने आशंका जताई है कि हादसे के वक्त स्कार्पियों में दो से ज्यादा लोग सवार थे। जिनसे पूछताछ की जाती तो शायद मामले में कुछ और बातें सामने आतीं। बता दें कि हादसा जिस स्कॉर्पियो से हुआ, वह विश्वविद्यालय छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष अवनीश यादव की थी जो घटना वाले दिन जेल में था। पूछताछ में पता चला था कि गाड़ी हैदर अली मांगकर ले गया था। हालांकि परिजन इससे संतुष्ट नहीं।
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