संगम नगरी में शुक्रवार को हुई बारिश ने एक बार फिर शहर के ड्रेनेज सिस्टम और सड़कों की बदहाली की पोल खोलकर रख दी है। मौसम के करवट लेते ही शहर के कई प्रमुख इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई, जिससे आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। बारिश के चलते सड़कों पर पानी भर गया और गड्ढे छिप गए, जिसके कारण वाहन चालकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। स्कूली बच्चे ज्यादा परेशान हुए। अधिकांश बच्चों का भीगते हुए आवागमन हुआ।
जॉर्ज टाउन, हनुमान मंदिर चौराहा, अतरसुईया, बलुआघाट, बाई का बाग चौराहा, करेली की गड्ढा कॉलोनी के साथ-साथ शहर के निचले इलाकों में पानी भर जाने से लोगों का घर से निकलना मुहाल हो गया। इसके अलावा जानसेनगंज चौराहा, हीवेट रोड और साउथ मलाका चौराहा जैसे व्यस्त इलाकों की सड़कों पर बने गहरे गड्ढों ने स्थिति को और भी बदतर बना दिया। इन गड्ढों में जलभराव होने के कारण दोपहिया वाहन चालक संतुलन बिगड़कर गिरते-गिरते बचे। स्थानीय कारोबारी राशिद सगीर ने बताया कि साउथ मलाका चौराहा के चारों तरफ सड़क क्षतिग्रस्त है। इसकी मरम्मत कराए जाने की तत्काल जरूरत है। वहीं दूसरी ओर नवाब युसूफ रोड स्थित केंद्रीय रेल विद्युतीकरण कार्यालय के सामने भी दिन भर जलभराव रहा।
दिन भर होती रही बारिश से यातायात व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो गई। घंटों तक वाहन रेंग-रेंग कर चलते रहे और लोगों को इस बारिश के बीच भारी कठिनाइयों के साथ सफर करना पड़ा। करेलाबाग स्थित इस्लाम नगर जैसे क्षेत्रों के स्थानीय निवासियों का कहना है कि जरा सी बारिश में ही इलाके में पानी भर जाता है, जिससे कहीं आना-जाना किसी चुनौती से कम नहीं रहता। हालात यह हो जाते हैं कि लोगों को दूर जाने के लिए ई-रिक्शा या अन्य साधन तक नसीब नहीं होते, जिससे उन्हें रोजमर्रा के कामों के लिए भी भारी जद्दोजहद करनी पड़ती है। निचले इलाकों में जलभराव की इस समस्या से स्थानीय नागरिकों में नगर प्रशासन के प्रति गहरी नाराजगी देखने को मिल रही है।