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उन्नाव कांड पर संगमनगरी में गुस्सा और गम के गुबार

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People demonstrated in Prayagraj against Unnaon Kand - फोटो : CITY DESK
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सड़कों पर उतरे व्यापारी, सामाजिक कार्यकर्ता और आम नागरिक, फास्ट ट्रैक कोर्ट गठित कर त्वरित न्याय की उठी आवाज
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प्रयागराज। उन्नाव की घटना के विरोध में शनिवार को संगमनगरी में सामाजिक संगठनों के कार्यकर्ता व आम नागरिक सड़कों पर उतर आए। दुष्कर्म पीड़िता को जलाकर मार डालने की घटना के आरोपियों को फास्ट ट्रैक कोर्ट गठित कर हफ्ते भर के भीतर फांसी देने की आवाज उठाई गई। साथ ही प्रदेश में कानून व्यवस्था ध्वस्त होने का आरोप भी लगाया गया।
सोहबतियाबाग में व्यापारियों व आम नागरिकों ने उन्नाव की घटना पर गुस्सा जाहिर किया। यहां हुई बैठक में नागरिक संघर्ष मोर्चा के संयोजक शिव सेवक सिंह ने कहा कि उन्नाव कांड से साबित हो गया कि यूपी में कानून का राज नहीं रह गया है। बेटियां सुरक्षित नहीं हैं।
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उन्होंने बेटियों की सुरक्षा तय करने के लिए सरकार से कड़े कदम उठाने की मांग की। इस दौरान सोहबतिया बाग व्यापार मंडल के दिनेश सरोज, चंद्रप्रकाश, धीरेंद्र प्रताप, शेखर, अरुण कुमार, राजेश कुमार, मक्खन केसरवानी, राकेश साहू, महेश कुमार, सुरेश तिवारी, अखिलेश श्रीवास्तव, महेश कुमार, मुन्ना पासी समेत तमाम लोग उपस्थित थे। इसी तरह सामाजिक एकता परिषद की ओर से उन्नाव कांड के विरोध में बैंक रोड पर प्रदर्शन किया गया। परिषद के अध्यक्ष ओम प्रकाश शुक्ल ने कहा कि उन्नाव की घटना बेहद दुखद और निंदनीय है। फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन कर 30 दिन के भीतर आरोपियों को फांसी दी जानी चाहिए। इस मौके पर अशोक यादव, शिक्षक श्रीनारायण, माता प्रसाद, सचिन, अविनाश, रजनीश शर्मा समेत तमाम लोग उपस्थित थे।
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