जज के खिलाफ जांच शुरू करने का आग्रह
खंडपीठ ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद पाया कि प्रशासनिक अधिकारियों के पास किसी को घर से बेदखल करने के लिए संयुक्त टीम बनाने का कोई कानूनी अधिकार नहीं था। कोर्ट ने संदीप पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। यह राशि याचिकाकर्ता को अवैध बेदखली और मानसिक प्रताड़ना के मुआवजे के रूप में एक सप्ताह के भीतर देनी होगी। इसके साथ ही कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट के सिविल जज (जूनियर डिवीजन) की ओर से बिना किसी ठोस सबूत के जल्दबाजी में अंतरिम स्थगन आदेश पारित करने पर नाराजगी जताई है। वहीं, मुख्य न्यायाधीश से संबंधित जज के खिलाफ अनुशासनात्मक जांच शुरू करने पर विचार करने का अनुरोध भी किया गया है।