मेजारोड चौराहे पर लगा हैंडपंप आए दिन खराब रहता है। इससे करीब 300 आबादी प्यासी रहती है। हालांकि, कई बार चौराहे पर एक और हैंडपंप लगवाने की मांग की गई लेकिन एक नहीं सुनी गई। कारोबारियों का आरोप है कि हैंडपंप के लिए सिर्फ कोरा आश्वासन ही मिलता है। इस भीषण गर्मी में कारोबारियों के अलावा राहगीर प्यासे रहते हैं।
चौराहे पर लगा हैंडपंप आए दिन खराब रहता है। यहां पर एक और हैंडपंप की जरूरत है। ऐसे हालात में चौराहे पर पानी की समस्या बनी हुई है। - चांद भाई, मेजारोड
आबादी के हिसाब से चौराहे पर दो-तीन हैंडपंप की जरूरत है। एक हैंडपंप के सहारे ही 300 लोगों की प्यास बुझती है। वह भी आए दिन खराब रहता है। -पीयूष जायसवाल, मेजारोड
मेजारोड के पटेल नगर चौराहे पर हैंडपंप न होने की वजह से पानी के लिए त्राहि-त्राहि मची हुई है। कारोबारियों की प्यास बाजार के बंद बोतल से ही बुझती है। पानी को लेकर कारोबारी परेशान हैं। बीते दिनों संपूर्ण समाधान दिवस में पानी की समस्या को लेकर शिकायत की गई थी लेकिन कुछ नहीं किया गया। -अनिल पांडेय मेजारोड।
अगर, हैंडपंप खराब है तो उसका मरम्मतीकरण कराया जा सकता है। नया हैंडपंप ग्राम सभा से नहीं लगाया जा सकता है। सांसद या विधायक निधि से ही हैंडपंप लगाया जा सकता है। -रमाकांत पांडेय, एडीओ पंचायत मेजा।
अनिल पांडेय।- फोटो : Archive
अनिल पांडेय।- फोटो : Archive