बिजली कटौती के विरोध में प्रदर्शन करते लोग।
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प्रयागराज। निजीकरण के विरोध में हड़ताली बिजली कर्मचारियों की ओर से कई उफकेंद्रों पर ताला जड़ने, फाल्ट की मरम्मत न करने से मंगलवार को दूसरे दिन बिजली के लिए हाहाकार मच गया। इक्का-दुक्का मुहल्लों को छोड़कर पूरे शहर की बिजली आपूर्ति ठप होने से जनता का गुस्सा फूट पड़ा। इससे शहर में अलग-अलग आधा दर्जन से अधिक स्थानों पर चक्का जाम कर सड़कों पर लोगों ने धरना शुरू कर दिया। एक्सईएन दफ्तरों पर भी लोग धरने पर बैठ गए। कुछ जगहों पर पुलिस को लाठियां भांजकर भीड़ को तितर-बितर करना पड़ा। देर शाम हड़ताल वापस होने पर जब बिजली बहाल होने लगी, तब जाकर लोगों का गुस्सा शांत हो सका।
शहर के 60 में से 30 से अधिक उपकेंद्रों पर ताला जड़े जाने से मंगलवार को 90 फीसदी इलाकों में भीषण बिजली संकट पैदा हो गया। इससे लोग नहाने और कपड़ा धोने के लिए भी पानी के लिए तरस गए। बिजली-पानी न मिलने से बिलबिलाई जनता सड़कों पर उतर आई। तेलियरगंज में मजार चौराहे का पास लगातार दूसरे दिन जाम लगाकर लोग सड़कों बैठ गए। इस दौरान वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। जाम हटवाने के लिए पुलिस को लाठियां भी भांजनी पड़ीं। इसी तरह शिवकुटी थाने के बाद भी शाम को चक्का जाम कर सैकड़ों की तातात में लोगों ने नारेबाजी की। इससे मजार चौराहा-अपट्रान चौराहा मार्ग पर जाम लगने से हजारों लोग फंसे रहे।
उपकेंद्रों पर कर्मियों के न होने और जेई-एसडीओ के फोन स्विच्ड ऑफ होने से बेहाल लोगों ने कीडगंज में भी पुलिस बूथ का पास चक्का जाम कर दिया। इससे वहां भी स्थिति असहज हो गई। जानकारी मिलने के बाद पुलिस मौकेपर पहुंच गई और लोगों को समझा कर किसी तरह जाम हटवाया गया। करेली प्रथम और द्वितीय उपकेंद्रों पर भी ताला जड़कर कर्मी धरना-प्रदर्शन में जुटे रहे। इससे आदर्श नगर, भवापुर, करेली से लेकर बेनीगंज शास्त्रीनगर, मीरापुर, नुरुल्लाह रोड पर बिजली का संकट गहरा गया। इससे नाराज लोगों ने करेली उपकेंद्र के सामने प्रदर्शन शुरू कर दिया। यहां भी पुलिस ने लोगों को समझा-बुझाकर स्थिति पर काबू किया। फोर्ट रोड चौराहे के अलावा झूंसी में भी चक्का जामकर लोगों ने गुस्सा जताया।