प्रयागराज विकास प्राधिकरण (पीडीए) की विभिन्न योजनाओं में प्लॉट आवंटन के बावजूद वर्षों से कब्जे के लिए भटक रहे आवंटियों को बड़ी राहत मिली है। पीडीए ने ऐसे आवंटियों को उनकी ओर से जमा की गई धनराशि लौटानी शुरू कर दी है।
शनिवार को पीडीए ने शांतिपुरम आवास योजना में कुछ कारणों से विवादित भूंखड के आवंटी को ब्याज सहित 73 लाख 65 हजार 218 रुपये लौटाए। इसमें आवंटी की ओर से जमा धनराशि 62,79,264 रुपये और ब्याज की धनराशि 10,85,954 रुपये शामिल हैं। पीडीए ने ऐसे सभी आवंटियों को अपनी धनराशि वापस लेने के लिए आमंत्रित किया है। जिन्हें किसी कारण से आवंटित प्लॉट पर कब्जा नहीं मिल सका।
पीडीए के उपाध्यक्ष ऋषि राज का कहना है कि ऐसे आवंटी जो कई वर्षों से भटक रहे हैं। इनके लिए प्रकरण निस्तारण का अवसर प्रदान किया गया है। जो धनराशि वापस नहीं लेना चाहते उन्हें प्राधिकरण की योजनाओं में प्रतिभाग करने पर वरीयता दी जाएगी।
अमर उजाला ने 26 सितंबर 2026 के अंक में इस बाबत खबर प्रकाशित की थी। पीडीए की विभिन्न योजनाओं में सैकड़ों लोग भूमि विवाद के कारण आवंटन होने के बावजूद कब्जा प्राप्त नहीं कर पाएं हैं। इनमें कई मामले 20 वर्ष तक पुराने हैं। पूर्व में लोगों ने ब्याज सहित धनराशि वापसी के लिए पीडीए में आवेदन भी दिए लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। अब पीडीए ने ऐसे सभी आवंटियों के लिए राहत के रास्ते खोल दिए हैं।
अब दो शिफ्ट में होंगे हनुमान मंदिर के जुड़े कार्य
प्रयागराज। संगम तट पर लेटे हनुमान जी मंदिर के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के मद्देनजर प्रयागराज विकास प्राधिकरण (पीडीए) की ओर से कराए जा रहे कार्यों का शनिवार को पीडीए के उपाध्यक्ष ऋषि राज ने निरीक्षण किया।
प्रगति संतोषजनक न मिलने पर उपाध्यक्ष ने नाराजगी जताई। उन्होंने अभियंताओं को निर्देश दिया कि बाकी कार्य दिन-रात दोनों शिफ्ट में कराकर शीघ्रता से पूरा कराए जाएं। उन्होंने चंद्रशेखर आजाद पार्क का भी निरीक्षण किया और गंदगी मिलने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए पूरे पार्क की सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। ब्यूरो
पीडीए ने 27 बीघा जमीन पर ध्वस्त कराई अवैध प्लॉटिंग
प्रयागराज। अवैध निर्माण के खिलाफ जारी अभियान के तहत प्रयागराज विकास प्राधिकरण ने शनिवार को बदरा सोनौटी झूंसी में 27 बीघा जमीन पर अवैध प्लॉटिंग ध्वस्त करा दी। जोन-पांच के तहत हुई इस कार्रवाई के दौरान संजय यादव व अन्य की ओर से 10 बीघा, सुभाष प्रजापति की ओर से 12 बीघा और डाॅ. राजेश यादव व अन्य की ओर से पांच बीघा जमीन पर की गई अवैध प्लॉटिंग ध्वस्त की गई।