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जागा पीडीए, होटल क्राउन पैलेस पर गरजा बुलडोजर

Wed, 29 May 2019 12:34 AM IST
विनोद सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
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प्रयागराज - फोटो : Prayagraj
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आखिर मंगलवार को प्रयागराज विकास प्राधिकरण (पीडीए) के अफसर जाग गए। अधिवक्ता राजेश श्रीवास्तव हत्याकांड के मुख्य आरोपी के मानचित्र के विपरीत बने होटल क्राउन पैलेस पर बुलडोजर गरजा। आरएएफ, कई थानों की पुलिस और पीएसी के साथ पीडीए अफसरों ने तीन घंटे की कार्रवाई में जबरदस्त तरीके से ध्वस्तीकरण किया। होटल के बेसमेंट की छत, सामने की दीवार और पिलर, बीम, सीलिंग आदि तोड़ी गईं। अब जहां मशीन नहीं पहुंचेगी वहां मजदूर लगाकर छत और दीवारें तोड़ने का काम किया जाएगा।

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अधिवक्ता राजेश हत्याकांड के आरोपी ने सील होटल में निर्माण कराना शुरू किया तो अमर उजाला ने इस मामले को जोरदारी से उठाया। हत्या के ठीक एक साल बाद बिना अनुमति निर्माण कराने की जांच पीडीए ने कराई। मामला सही पाया गया। वहीं जिला बार एसोसिएशन ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई। सीएम, डीएम और पीडीए अफसरों को ज्ञापन देकर अधिवक्ताओं ने आंदोलन की चेतावनी दी थी। पीडीए ने 27 मई को प्रस्तावित कार्रवाई स्थगित की तो अधिवक्ता आक्रोशित हो गए। बार के

वर्ष भर पहले अधिवक्ता राजेश श्रीवास्तव की हत्या के बाद चर्चा में आए रामबाग स्थित होटल क्राउन पैलेस का निर्माण आवासीय मानचित्र पर कराया गया है। इसे लेकर इस होटल को सील कर दिया गया था। कुछ दिनों पहले इस हत्याकांड में नामजद होटल मालिक पर सील होटल में काम शुरू कराने का आरोप लगा था। इससे नाराज अधिवक्ताओं ने मुख्यमंत्री, कमिश्नर, जिलाधिकारी, पीडीए उपाध्यक्ष को पत्र भेजकर अवैध रूप से बने होटल क्राउन पैलेस को ध्वस्त कराने की मांग की थी। अधिवक्ता संघ की ओर से जारी पत्र में चेताया गया था कि अगर होटल के ध्वस्तीकरण की कार्रवाई में हीलाहवाली की गई तो कार्य से विरत रहकर उग्र आंदोलन किया जाएगा। मंगलवार को बार पदाधिकारियों ने जिलाधिकारी से मुलाकात कर मानचित्र के विपरीत बने होटल को ध्वस्त करने की मांग उठाई थी। 
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रामबाग चौराहे पर शाम करीब छह बजे कोतवाली पुलिस पहुंच गई। थोड़ी ही देर के बाद कीडगंज समेत कई थानों की फोर्स और पीएसी के जवान मुस्तैद हो गए। सड़क को मंदिर और साउथ मलाका छोर से सील कर दिया गया। एंबुलेंस और दमकल गाड़ी भी बुलाई गई। करीब सात बजे वहां पीडीए के जोनल अफसर, प्रवर्तन दल अधिकारी दलबल के साथ पहुंचे। होटल व्यवसायी के घर वालों को वहां से हटने के लिए कहा गया तो महिलाएं रोने, बिलखने लगीं। महिला पुलिस कर्मियों ने उन्हें वहां से हटाया। उनकी भवन न तोड़ने की गुहार किसी ने नहीं सुनी।  

छावनी बने क्षेत्र में मजिस्ट्रेट और सीओ की मौजूदगी में 7.30 बजे से जेसीबी लगाकर ध्वस्तीकरण शुरू किया गया। सबसे पहले बेसमेंट की छत तोड़ी गई फिर सामने के पिलर पर जेसीबी चोंच से वार कर तोड़ने लगा। रात 10.30 बजे तक चली तीन घंटे की कार्रवाई में होटल के सामने का पूरा हिस्सा ध्वस्त किया गया। ध्वस्तीकरण में इस बात का ध्यान रखा गया कि मुख्य पिलर और बिल्डिंग को बांधने वाली दीवारें ने टूटें। 
जोनल अफसर आलोक पांडेय के मुताबिक आवासीय मानचित्र पर बने होटल के ध्वस्तीकरण का आदेश पूर्व में ही जारी किया जा चुका था। पहले कुंभ फिर चुनाव के कारण कार्रवाई नहीं की जा सकी। आज के ध्वस्तीकरण में इंजीनियरों की सलाह ली गई है, ताकी भवन गिरने से अनहोनी को रोका जा सके। जहां तक जेसीबी पहुंचेगी, ध्वस्तीकरण किया जाएगा। होटल का शेष भाग और कमरे प्रवर्तन दल कर्मचारी और मजदूर हैमर मशीनों से तोड़ेंगे। उन्होंने बताया कि ध्वस्तीकरण फिलहाल जारी रहेगा।

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