इलाहाबाद ब्यूरो। मौसम इस बार अजीबोगरीब रंग दिखा रहा है। कभी गुनगुनी सर्दी का एहसास तो कभी भारी उमस। पारा आए दिन एक से लेकर पांच डिग्री का गोता लगा रहा है। मौसम विज्ञानी भी मौसम के बदलते मिजाज को देखकर भौचक है। पछुवा व पुरवइया हवाओं की नूराकुश्ती ने मौसम का कबाड़ा कर दिया है। पछुवा हवाओं ने एक बार फिर दबाव क्या बनाया? पारा एक बार फिर 40 डिग्री का आंकड़ा पार कर गया।
मौसम विभाग के मुताबिक मंगलवार को अधिकतम तापमान 41 डिग्री और न्यूनतम 28 डिग्री दर्ज किया गया। तापमान में बढ़ोत्तरी का असर आर्द्रता पर भी दिखा और आर्द्रता एक बार फिर 64 फीसदी पर जा पहुंची जो तापमान गिरने के साथ ही 70 फीसदी तक पहुंच गया था। पारे में गिरावट का असर गर्मी पर भी दिखा। लोग दिन भर गर्मी, उमस से बेहाल रहे। हालांकि बीच बीच में नम पुरवइया के झोंके भी शहरियों को राहत देते रहे, लेकिन पछुवा हवाएं नम पुरवइया को बार बार धकेल रही थी। जिसकी वजह से ज्यादातर समय गर्मी का एहसास होता रहा।
दूसरी ओर मौसम विज्ञानियों का दावा है कि मानसून के पूरी तरह सक्रिय होने में दो हफ्ते का समय लग सकता है। मौसम विज्ञानी प्रो. एचएन मिश्रा का कहना है कि गंगा के मैदान में बंगाल की खाड़ी की तरफ से आने वाले मानसून से बारिश होती है। केरल में मानसून सक्रिय हो गया है लेेकिन अभी तक बंगाल की खाड़ी में मानसून सक्रिय नहीं हुआ है ऐसे में मानसून के गंगा के मैदान में पहुंचने में समय लग सकता है। दूसरी ओर मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि बुधवार को आसमान में बादल छाए रहेंगे, साथ ही धूल भरी हवाएं चलने की संभावना है।