पीसीएस-2015 प्रारंभिक परीक्षा का पेपर आउट होने के विरोध मेें प्रतियोगियों और छात्रों ने लगातार दूसरे दिन मंगलवार को उग्र प्रदर्शन किया। उन्होंने लल्ला चुंगी चौराहा पर एक कालेज की बस में तोड़फोड़ की। इसके बाद बैंक रोड पर उन्होंने उधर गुजर रहीं रोडवेज की बसों पर भी पत्थरबाजी। इसमें एक हॉस्टल के छात्रों के शामिल होने की बात कही जा रही है। उन्हें खदेड़ने के लिए पुलिस को लाठी भांजने के साथ रबर की गोली भी चलानी पड़ी। इस दौरान वहां अफरातफरी का माहौल रहा और लोग इधर-उधर भागने लगे। हालांकि इसमें किसी को गंभीर चोट की सूचना की नहीं है लेकिन पत्थरबाजी और भगदड़ में कई लोगों को चोट लगी है।
इसके अलावा पीसीएस-2015 प्री की दोनों पालियाें की परीक्षा निरस्त करने, उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष की बर्खास्तगी तथा पेपर आउट होने समेत पिछले दो साल में हुई भर्तियों की सीबीआई जांच की मांग को लेकर प्रतियोगियों और छात्रों का विरोध प्रदर्शन मंगलवार को भी जारी रहा। प्रतियोगियों ने जुलूस निकाला और डीएम को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान उन्होंने आयोग तथा प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
पूर्व घोषणा के अनुसार इलाहाबाद विश्वविद्यालय छात्रसंघ भवन पर सुबह 10 से प्रतियोगी और छात्र पहुंचने लगे। वहां प्रदर्शन के बाद जुलूस बनाकर वे कलेक्ट्रेट पहुंचे और डीएम को ज्ञापन सौंपा। वहां उन्होंने आयोग और प्रदेश सरकार के साथ केंद्र सरकार के खिलाफ भी नारेबाजी की। उनका आंदोलन यहीं खत्म नहीं हुआ। बड़ी संख्या में प्रतियोगियों और पुलिस भर्ती के अभ्यर्थियों का चंद्रशेखर आजाद पार्क में फिर जमावड़ा हुआ। उन्होंने बालसन चौराहा तक कैंडल जुलूस निकाला। दोनों जगहों पर हुई सभा में छात्रों और प्रतियोगियों ने जमकर नारेबाजी भी की। समस्त युवा संघर्ष समिति के बैनर तले शुरू आंदोलन में राणा यशवंत प्रताप सिंह, रजनीश सिंह, विपिन पटेल, अवधेश तिवारी आदि शामिल रहे।
ताराचंद छात्रावास तथा एनएसयूआई से जुड़े छात्रों ने इन मांगों को लेकर लल्ला चुंगी चौराहा पर विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने प्रधानमंत्री और सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव का पुतला दहन भी किया। टीजीटी पीजीटी प्रतियोगी मोर्चा की बैठक में भी आयोग की भर्तियों तथा आयोग अध्यक्ष के खिलाफ सीबीआई जांच की मांग की गई। अनुज सिंह, रिंकू सिंह, राममोहन सिंह, जितेंद्र यादव आदि ने बुधवार को आयोग दफ्तर पर अधिक से अधिक लोगों के पहुंचने की अपील की।