इलाहाबाद। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की ओर से 10 मई को आयोजित पीसीएस 2015 प्रारंभिक परीक्षा का विरोध शुरू हो गया है। आयोग अध्यक्ष के खिलाफ तथा पेपर लीक मामले में आंदोलनरत प्रतियोगियों ने काली पट्टी बांधकर परीक्षा देने की घोषणा की है। इतना ही नहीं एक वर्ग ने विरोध में परीक्षा छोड़ने की भी घोषणा की है। वे रविवार को प्रवेश पत्र की प्रति भी जलाएंगे।
29 मार्च को आयोजित पीसीएस प्रारंभिक परीक्षा का पेपर आउट हो गया था। हालांकि आयोग ने काफी दबाव के बाद यह स्वीकार किया था। इसके बाद आयोग ने पहला पेपर निरस्त कर दिया और अब वह परीक्षा रविवार को है। इसके विपरीत परीक्षार्थी दूसरा पेपर आउट होने का भी आरोप लगा रहे हैं। इसके पक्ष में साक्ष्य उपलब्ध कराते हुए वे दूसरा पेपर भी निरस्त करने की मांग कर रहे है। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की है। इसी क्रम में प्रतियोगियों ने रविवार को होने वाली निरस्त परीक्षा के बहिष्कार की घोषणा की है।
प्रतियोगी छात्र संघर्ष समिति की शुक्रवार को हुई बैठक में इसकी घोषणा की गई। बैठक में शामिल अवनीश पांडेय, संदीप यादव, जटाशंकर मौर्य, किशोर अग्रवाल, बजरंगी तिवारी, अमित सिंह राणा आदि ने अभ्यर्थियों से काली पट्टी बांधकर परीक्षा देने की अपील की है। भ्रष्टाचार मुक्ति मोर्चा की बैठक में भी परीक्षा के विरोध का निर्णय लिया गया। मोर्चा से जुड़े प्रतियोगियाें ने डेलीगेसी तथा हॉस्टलों में संपर्क करके परीक्षा के विरोध की अपील की। मोर्चा के कौशल सिंह का कहना था कि कई अभ्यर्थियों ने परीक्षा छोड़ने की घोषणा की है। अन्य भी काली पट्टी बांधकर परीक्षा में शामिल होंगे। मोर्चा की ओर से रविवार को इलाहाबाद विश्वविद्यालय छात्रसंघ भवन पर प्रवेश पत्र की प्रति जलाने की भी घोषणा की गई। बैठक में अशोक पांडेय, निलेश समर्पित, नीरज पांडेय आदि मौजूद रहे।