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पीसीएस मुख्य परीक्षा का हिंदी, निबंध का पेपर निरस्त

Wed, 20 Jun 2018 01:55 AM IST
अमर उजाला, इलाहाबाद
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allahabad - फोटो : amar ujala
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पीसीएस-2017 की मंगलवार को आयोजित सामान्य हिंदी और निबंध की परीक्षा निरस्त कर दी गई है। इलाहाबाद के एक केंद्र में पहली पाली की परीक्षा के दौरान दूसरी पाली का पेपर बंट जाने के आधा घंटा बाद ही पेपर व्हाट्सएप पर वायरल हो गया और उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) को परीक्षा निरस्त करनी पड़ी। कुछ देर बाद ही अभ्यर्थियों ने बवाल शुरू कर दिया। हजारों अभ्यर्थी पूरी मुख्य परीक्षा निरस्त किए जाने की मांग को लेकर यूपीपीएससी के बाहर प्रदर्शन करने लगे और पुलिस ने उन पर लाठीचार्ज कर दिया। बवाल के मद्देनजर यूपीपीएससी और आयोग अध्यक्ष के आवास की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। पीसीएस मुख्य परीक्षा में 13664 अभ्यर्थी शामिल हो रहे हैं। हालांकि, पहले दिन सोमवार को 1383 अभ्यर्थियों ने परीक्षा छोड़ दी थी।
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छह घंटे चला चक्काजाम, वार्ता विफल
लाठीचार्ज से नाराज अभ्यर्थियों ने लोक सेवा आयोग चौराहे पर दोपहर 12 बजे चक्काजाम कर दिया। शाम छह बजे आयोग के सचिव जगदीश और प्रतियोगियों के बीच हुई वार्ता विफल हो गई। सचिव ने बाकी परीक्षा निरस्त किए जाने से इनकार कर दिया। चक्काजाम तो समाप्त हो गया, लेकिन तमाम प्रतियोगी आयोग के गेट पर धरने पर बैठ गए। धरना देर रात तक जारी रहा। अभ्यर्थी मांग पर अड़े हैं कि पूरी परीक्षा निरस्त की जाए।

छह जुलाई तक होनी है परीक्षा
मुख्य परीक्षा 18 जून से छह तक जुलाई तक होनी है। 18 जून को सामान्य अध्ययन के दो पेपर थे और 19 जून को सामान्य हिंदी एवं निबंध का कॉमन पेपर था। 21 जून से विषयवार पेपर होने हैं। आयोग ने बाकी पेपरों की परीक्षा पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार कराने का निर्णय लिया है। वहीं, प्रतियोगी छाद्घ इस निर्णय से संतुष्ट नहीं हैं।
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आधे घंटे बाद ही केंद्र से बाहर आ गया पेपर
पीसीएस मुख्य परीक्षा के दूसरे दिन सुबह 9.30 से 12.30 बजे की पहली पाली में सामान्य हिंदी और दोपहर दो से शाम पांच बजे की दूसरी पाली में निबंध का पेपर था। इसके लिए इलाहाबाद में 17 और लखनऊ में 11 केंद्र बनाए गए हैं। राजकीय इंटर कॉलेज परीक्षा केंद्र में गलती से दूसरी पाली में होने वाली निबंध की परीक्षा का पेपर पहुंच गया और पेपर अभ्यर्थियों के बीच बांट दिया गया। पेपर बंटते ही हड़कंप मच गया। अभ्यर्थियों ने हंगामा शुरू कर दिया। कई अभ्यर्थी पेपर लेकर केंद्र से बाहर निकल गए और कुछ ही देर में पेपर भी व्हाट्सएप पर वायरल हो गया। सैकड़ों अभ्यर्थी परीक्षा छोड़कर 100 मीटर दूर केपी इंटर कॉलेज परीक्षा केंद्र पर पहुंच गए और वहां भी परीक्षा रुकवा दी।

परीक्षा नियंत्रक पर भड़के अभ्यर्थी
इस बीच परीक्षा नियंत्रक अंजू कटियार जीआईसी पहुंचीं और अभ्यर्थियों से कहा कि सामान्य हिंदी का पेपर मंगाया जा रहा है। इस पर अभ्यर्थी भड़क गए। उनका कहना था कि पेपर आउट हो चुका है, ऐसे में पूरी परीक्षा निरस्त की जाए। मामले की गंभीरता को देखते हुए आयोग में आपातकालीन बैठक बुलाकर मंगलवार को दोनों पालियों के पेपर की परीक्षा निरस्त करने का निर्णय लिया गया।

‘एक परीक्षा केंद्र में प्रथम पाली में त्रुटिवश सामान्य हिंदी के स्थान पर निबंध का पेपर खुल गया। इससे अभ्यर्थियों ने परीक्षा का बहिष्कार कर दिया। इसी वजह से आयोग ने प्रदेश भर में दोनों पालियों का पेपर निरस्त किए जाने का निर्णय लिया है। इन दोनों प्रश्नपत्रों की पुन: परीक्षा की तिथि शीघ्र घोषित की जाएगी। आगामी तिथियों की शेष परीक्षाएं पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार ही आयोजित की जाएंगी। लापरवाही केंद्र स्तर पर हुई है। बोरे पर गलत स्लिप लगी थी, मगर कवर पेज पर निबंध के पेपर और दूसरी पाली का जिक्र था। केंद्र व्यवस्थापक समेत किसी ने इस पर ध्यान नहीं दिया और गलत पेपर बांट दिया। इस पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी हुई है। मामले में आयोग एफआईआर दर्ज कराएगा।’ -जगदीश, सचिव उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग

‘केंद्र में पेपर पहुंचाने की जिम्मेदारी आयोग की है। पहली पाली में सामान्य हिंदी की परीक्षा के लिए जो पेपर आए, वे डिब्बे में बंद थे और डिब्बे बोरे में रखे हुए थे। बोरे और डिब्बे पर लगी स्लिप पर तिथि, प्रथम पाली और समय लिखा हुआ था। डिब्बे खोलकर पेपर बांट दिए गए। इसमें केंद्र की ओर से कोई गलती नहीं हुई है।’ देवेंद्र कुमार सिंह, केंद्र व्यवस्थापक, जीआईसी
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