सोशल मीडिया पर सक्रियता से तैयारी करने में मिली सफलता
लॉकडाउन खुलने के बाद अन्य राज्यों की पीसीएस जे परीक्षा में शामिल हुए, जिससे तैयारी को और बेहतर दिशा मिली। यूपी की पीसीएस जे परीक्षा में पहली बार शामिल हुए और सफलता मिल गई। शिशिर ने बताया कि सोशल मीडिया पर सक्रिय रहने के कारण समसमायिकी की तैयारी में काफी मदद मिली। खाली समय में घर में टीवी शो देखते हैं। उन्हें क्रिकेट और फुटबाल खेलना भी पसंद है।
शिशिर का कहना है कि छात्र जीवन में खेलकूद और मनोरंजन में खूब समय देना चाहिए, लेकिन अंतिम के एक-दो वर्षों को गंभीरता से लेना चाहिए। यही वक्त होता है, जब तैयारी में पूरा जोर लगा देने की जरूरत होती है। बेहतर तैयारी करनी है तो विधि की पढ़ाई के दौरान ही सब्जेक्ट पूरी तरह से पढ़ लें और परीक्षा के सिलेबस पर ध्यान केंद्रित करें।
शिशिर के चयन सूचना पर परिवार में छाई खुशी, बधाई देने के लिए मोहल्ले वालों का लगा तांता
बुधवार को पीसीएस जे का परिणाम घोषित किया गया। इसमें नैनी न्यू मानस नगर निवासी शिशिर यादव दूसरे स्थान पर रहे। उनकी इस सफलता की सूचना पर परिजनों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। घर पहुंचकर मोहल्ले वालों द्वारा बधाई देने का क्रम देर शाम तक चलता रहा। परिचितों व रिश्तेदारों ने शिशिर की सफलता पर फोन पर परिवार वालों को बधाई दी।
मूलरूप से जौनपुर के रहने वाले शिशिर के पिता कृपाशंकर यादव वर्ष 2004 से नैनी के न्यू मानस नगर में परिवार के साथ रह रहे हैं। वह हाईकोर्ट में सरकारी अधिवक्ता हैं। शिशिर की मां शकुंतला देवी हाउस वाइफ होने के साथ लॉ ग्रेजुएट हैं। छोटा भाई समीर इलाहाबाद विश्व विद्यालय से एलएलएम कर रहा है। परिवार को इसी वर्ष दो खुशियां मिली हैं।
पहली खुशी कृपाशंकर यादव का सरकारी वकील के रूप से चयन व दूसरी खुशी शिशिर का पीजीएस जे में दूसरा स्थान पाना। शिशिर की प्रारंभिक शिक्षा नैनी के महर्षि विद्या मंदिर व बेथनी कॉवेंट स्कूल से हुई है। इसके बाद उन्होंने इलाहाबाद विवि से बीए एलएलबी व एलएलएम किया। वह नेट जेआरएफ भी क्वालीफाई हैं। वर्तमान में वह लखनऊ विश्वविद्यालय से रिसर्च कर रहे हैं। शिशिर को खेल के साथ पेंटिंग बनाने का शौक है। उनकी मां ने बताया कि वह काफी अच्छी पेंटिंग कर लेता है।