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पीसीएस-जे में बेटियों का परचम

Sat, 06 Aug 2016 02:14 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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पीसीएसजे टापर - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग ने न्यायिक सेवा सिविल जज (जूडि) (पीसीएस-2015) का अंतिम परिणाम शुक्रवार को घोषित कर दिया। परिणाम में बेटियों का दबदबा रहा। टॉपर समेत प्रथम चार में तीन तथा 10 में छह महिला अभ्यर्थी शामिल हैं। इलाहाबाद के बिशप जानसन इंटर कालेज से दसवीं की पढ़ाई करने वाली मूलत: लखनऊ की अंशु शुक्ला टॉपर रहीं। वहीं सोनभद्र की रुचि श्रीवास्तव को तीसरा स्थान मिला है। इलाहाबाद विश्वविद्यालय से एलएलएम अंशु मालि पांडेय पुरुषों में टॉपर तथा मुख्य सूची में दूसरे स्थान पर हैं।
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आयोग ने कुल 197 पदाें के लिए अप्रैल में साक्षात्कार कराया था, लेकिन परिणाम 195 पदों के लिए ही घोषित किया गया। प्रारंभिक परीक्षा में दो सवाल के जवाब को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई चल रही है। इस बाबत न्यायालय के आदेश पर दो सीट सुरक्षित करके परिणाम घोषणा किया गया है। साक्षात्कार में कुल 605 अभ्यर्थी शामिल हुए थे। टॉपर अंशु शुक्ला ने 2014 में इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी से बीएएलएबी की है और पहले ही प्रयास में इतनी बड़ी उपलब्धि हासिल की।

दूसरे स्थान पर रहे अंशु मालि ने स्नातक और एलएलबी की पढ़ाई गोरखपुर तथा इलाहाबाद विश्वविद्यालय से एलएलएम किया है। सोनभद्र की रुचि ने बीएचयू से एलएलबी की पढ़ाई की है। रुचि का मध्य प्रदेश पीसीएस-जे में भी चयन हो चुका है। वह इस समय रीवा में तैनात हैं। इनके अलावा महिला अभ्यर्थियों तहरीन खान, अपेक्षा सिंह, चारू धंकार और शबीना खान ने प्रथम 10 में जगह बनाई है। भूपेंद्र सिंह शाह, योगेश कुमार यादव और आशुतोष तिवारी भी प्रथम 10 में शामिल हैं। आयोग के सचिव चंद्र पाल सिंह ने बताया कि लिखित परीक्षा के प्राप्तांक तथा कटऑफ जल्द ही वेबसाइट पर प्रदर्शित किया जाएगा।
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इस संबंध में सूचना के अधिकार के अंतर्गत कोई आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा। वहीं इलाहाबाद के सतीश कुमार मगन का पीसीएस-जे में चयन हुआ है। रिटायर पुलिस उपाधीक्षक रामकृष्ण मगन के पुत्र का सतीश इससे पहले लोअर सबार्डिनेट 2014 में भी चयन हो चुका है। वर्तमान में वह मांडा के प्राइमरी स्कूल में शिक्षक हैं। सतीश ने ईश्वर शरण डिग्री कॉलेज से स्नातक और इविवि से एलएलबी किया है। 

लखनऊ की अंशु शुक्ला ने मात्र 23 साल की उम्र में प्रथम प्रयास में प्रदेश की सबसे प्रतिष्ठित भर्ती परीक्षाओं में शामिल पीसीएस-जे में टॉप किया है। उन्होंने दो वर्ष पहले ही बीएएलएलबी उत्तीर्ण की। वह सफलता का श्रेय माता रश्मि शुक्ला को देती हैं। पिता अतुलकांत शुक्ला लंबे समय तक प्रयाग प्रभाग के वनाधिकारी रहे और वर्तमान में कानपुर में क्षेत्रीय वनाधिकारी हैं। अंशु ने यहीं के बिशप जॉनसन से दसवीं की पढ़ाई की है। लखनऊ के स्प्रिंग डेल स्कूल से उन्होंने बारहवीं की पढ़ाई की है। अंशु का कहना है कि बचपन से ही उनका जज बनने का लक्ष्य था। सफलता के लिए कठिन परिश्रम ही एकमात्र रास्ता है।

कुशीनगर के सिविल जज के यहां पेशकार रहे सूर्यनारायण पांडेय का बेटा अंशु मालि पांडेय ने पीसीएस-जे में दूसरी रैंक के साथ सफलता हासिल की है। अंशु ने स्नातक और एलएलबी की पढ़ाई गोरखपुर से की है। एलएलएम इलाहाबाद विश्वविद्यालय से किया है। अंशु का एपीओ-2011 में भी आठवीं रैंक के साथ चयन हुआ था। वह तीन भाई-बहन में सबसे बडे़ हैं।

पीसीएस-जे में तीसरे स्थान पर रहीं रुचि श्रीवास्तव के पिता सोनभद्र में अधिवक्ता हैं। रुचि का भी बचपन से जज बनने का लक्ष्य था। इस लक्ष्य को हासिल करने में उनके पिता का मार्गदर्शन काम आया। रुचि का मध्य प्रदेश की न्यायिक सेवा में भी चयन हो चका है और वह रीवा में तैनात हैं। हालांकि यूपी पीसीएस-जे 2014 में भी शामिल हुईं थीं, लेकिन सफलता नहीं मिली।
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